लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विद्यालय प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण अभी भी शताब्दी अस्पताल फेज- दो कभी भी लाक्षा गृह बन सकता है। यहां अभी भी गैस सिलेंडर पर खाना पकाया जा रहा है,जबकि फायरबिग्रेड ने ट्रामा सेंटर में आग लगने की घटना को देखते हुए शताब्दी अस्पताल में किचन में गैस सिलेंडर का प्रयोग करने से मना कर दिया था। इस लिए शताब्दी अस्पताल से किचन को ट्रामा सेंटर के पीछे भवन संख्या 1905 में शिफ्ट कर दिया गया था।
केजीएमयू प्रशासन के किचन संचालन की व्यवस्था को देख रहे जिम्मेदार अधिकारी लगातार किचन संचालक की मनमानी को नजर अंदाज कर रहा है। शताब्दी अस्पताल फेज दो में स्थित किचन में गैस सिलेंडर पर खाना पकाने से रोक लगा दी गयी थी। फायर बिग्रेड ने यहां पर गैस सिलेंडर के कारण आग लगने की आशंका व्यक्त की थी। इसके लिए केजीएमयू प्रशासन ने आनन-फानन में भवन 1905 में किचन को शिफ्ट कर दिया था आैर कैंटीन भी शुरू कर दी थी। इसका केजीएमयू कु लपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने उद्घाटन भी कि या था। इसके बाद भी शताब्दी अस्पताल फेज दो में गैस सिलेंडर का प्रयोग किया जा रहा है।
यहां पर जहां पर किचन को बंद किया था वही पर गैस सिलेंडर का प्रयोग करते हुए खाना पकाया जा रहा है। इसके अलावा सातवें तल पर स्थित कैंटीन में गैस सिलेंडर भरे हुए है , जिनका लगातार प्रयोग किया जा रहा है। केजीएमयू के किचन संचालन के जिम्मेदार अधिकारी गैस सिलेंडर के प्रयोग करने की शिकायत को लगातार नजर अंदाज करते हुए मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे है। कुलपति का कहना है कि अगर शताब्दी अस्पताल में गैस सिलेंडर का प्रयोग हो रहा तो गलत है। इस पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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