सेक्स क्लीनिक पर….

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लखनऊ । दवाओं के सम्बध में शिकायत मिलने पर बर्लिग्टन स्थित डा.एसके.जैन क्लीनिक पर बृहस्पतिवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग की टीम ने अचानक छापे मारे की। टीम ने दवाओं के नमूने एकत्र किये हैं। बताते है कि इन न तो दवा का नाम था और न ही उस पर एक्सपायरी डेट दर्ज था। अलग-अलग रंग की दवाओं में यह स्पष्ट नही था कि मरीजों को कौन सी दवा दी जा रही है। शिकायतकर्ताओं ने डा.एस. के.जैन क्लीनिक पर इलाज के नाम पर मरीजों से धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है।

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एफएसडीए की टीम ने खुद को मरीज बताकर डा.एसके.जैन क्लीनिक के अंदर प्रवेश किया। टीम के सदस्यों ने डा. जैन से जल्दी मिलने की कोशिश की, तो क्लीनिक पर तैनात कर्मियों ने टीम को रोक दिया। बातचीत में कर्मचारियों को जैसे ही पता चला कि वह लोग एफएसडीए की टीम के सदस्य है, तो उन्होंने टीम को जबरन बाहर निकाल दिया। इसके बाद अधिकारियों ने अंदर जाने की कोशिश की तो उनसे धक्का-मुक्की होने लगी। इस पर अधिकारियों ने छापेमारी की कार्रवाई करने के लिए पुलिस बुलायी। लगभग दो घंटे इंतजार के बाद पुलिस के पहुंचने पर एफएसडी की टीम डा.एसके.जैन क्लीनिक के अंदर प्रवेश कर सकी। पुलिस को अंदर आता देख क्लीनिक के कर्मचारी भाग गये। पुलिस के मौजूदगी में एफएसडीए की टीम ने पूरी क्लीनिक की जांच पड़ताल शुरू की।

छापेमारी के दौरान डा.सारांश जैन मौजूद रहे। टीम को जांच में जो मौके पर दवायें मिली व बिना लेबल के थी। रंगबिरंगी दवाओं पर बनाने की तारीख से लेकर खराब होने की तारीख तक नदारद थी। दवा के निर्माण में किसका प्रयोग किया गया है,इस का भी जिक्र नहीं था। एफएसडीए टीम के सदस्यों को कोई कु छ नहीं बता पाया। इतना ही नहीं कुछ दवा की शीशियों पर नई दिल्ली ,लखनऊ व यूएसए लिखा नजर आया । जब टीम के सदस्यों ने डा.सारांश से दवा के बारे में जानकारी मांगी, तो डा.सारांश उचित जवाब नहीं दे सके। जिसके बाद टीम ने दवा के नमूने सील कर दिये गये आैर लैब में जांच कराने के लिए भेज दिये गये।

जांच टीम में एफएसडीए के सहायक आयुक्त पीके मोदी, ड्रग इंस्पेक्टर रमाशंकर और माधुरी सिंह शामिल थीं। वही देर शाम को डा. एस के जैन ने पत्रकार वार्ता करके दावा किया है कि प्रतिस्पर्धा के कारण हुई शिकायत पर एफएसडीए की टीम ने उनके यहां जांच की है। जांच के दौरान टीम ने उनकी डिग्री की जांच की। डा. जैन का दावा है कि उनकी डिग्री सही पायी गयी है। इसके अलावा टीम जांच के लिए दवाओं के नमूने भी ले गये है।


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