लखनऊ। गोमती नगर स्थित डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डा. दीपक मालवीय के कार्यकाल बढ़ने की चर्चा शुरु हो गयी है। इस चर्चा शुरु होने के साथ ही संस्थान के डाक्टरों ने इसका विरोध भी कर दिया है। डाक्टरों का कहना है कि लोहिया अस्पताल का विलय होने के बाद कमेटी बनाकर पद पर चयन किया जाना चाहिए।
लोहिया अस्पताल का लोहिया संस्थान में विलय होने की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है। इसके साथ ही विलय होने के बाद महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती को लेकर भी कवायद शुरु हो गयी है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, चिकित्सा अधीक्षक, डीन के अलावा प्राचार्य के पद को लेकर अभी से नामों की चर्चा होने लगी है।
इस बीच संस्थान के निदेशक के पद पर तैनात डा. दीपक मालवीय के सेवा विस्तार कराने की कोशिशों की भी चर्चा शुरु हो गयी है। बताया जाता है कि सितम्बर महीने में डा. दीपक मालवीय का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। चर्चा है कि डा. मालवीय अपना कार्य काल का विस्तार कराना चाहते है आैर विलय के बाद महत्वपूर्ण पद पर रहना चाहते है। डा. मालवीय के सेवा विस्तार की चर्चा शुरु होने के बाद संस्थान के ही विशेषज्ञ डाक्टरों ने इसका विरोध भी करना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञ डाक्टरों का आरोप है कि विलय होने के बाद संस्थान की जिम्मेदारी भी बढ़ जाएगी। इसके लिए किसी जिम्मेदार विशेषज्ञ को ही तैनात किया जाना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ऐसे ही सेवा विस्तार से वरिष्ठता के क्रम में अन्य विशेषज्ञ को मौका दिया जाना चाहिए। इसके अलावा फिर शासन स्तर पर कमेटी बनाकर आवेदन मंगाकर विशेषज्ञ डाक्टरों में चयन किया जाना चांिहये। फिलहाल विलय के साथ ही सेवा विस्तार की चर्चा भी बनी हुई है।
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