न्यूज। अब सार्वजनिक स्थानों पर थूकना अब आसान नहीं होगा, क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोविड-19 पर रोक के लिए लागू लॉकडाउन के वास्ते जारी अपने संशोधित दिशा निर्देशों में इस आदत को संख्त आपदा प्रबंधन कानून के तहत एक संज्ञेय अपराध बना दिया है। मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देशों में सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है।
विभिन्न शहरों में नगरपालिका कानूनों के तहत सार्वजनिक स्थानों पर थूकना अपराध है, लेकिन देश में लोगों द्वारा इसे शायद ही गंभीरता से लिया जाता है। बृह्न मुंबई महानगरपालिका ने सार्वजनिक स्थान पर थूकते पकड़े गए व्यक्ति के लिए 1,000 रुपये का जुर्माना निर्धारित किया है। इसी तरह के उपाय दिल्ली नगर निगमों आैर कई अन्य राज्यों में भी हैं।
बिहार, झारखंड, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, हरियाणा, नागालैंड आैर असम ने कोविड-19 के प्रकोप के बीच बिना धुंए वाले तंबाकू उत्पादों के उपयोग आैर सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर रोक के लिए पहले ही आदेश जारी किए हैं।
लॉकडाउन तीन मई तक बढाये जाने के मद्देनजर गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए समेकित संशोधित दिशानिर्देशों के तहत आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 (बी) के तहत थूकने को एक जुर्माने के साथ दंडनीय बनाया गया है।
मंत्रालय द्वारा जारी किए गए राष्ट्रीय निर्देशों में कहा गया है, ”सार्वजनिक स्थानों पर थूकना जुर्माने के साथ दंडनीय होगा। शराब, गुटखा, तंबाकू आदि की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध होना चाहिए आैर थूकना पूरी तरह प्रतिबंधित होना चाहिए””
निर्देशों को जिला मजिस्ट्रेटों द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत निर्धारित जुर्माने आैर दंडात्मक कार्रवाई के अनुसार लागू किया जाएगा। निर्देशों में कहा गया है कि आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत सरकारी आदेशों का पालन करने से इनकार करने पर एक वर्ष तक कारावास या जुर्माना या दोनों हो सकता है।
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