लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के लॉरी कार्डियोलॉजी में अब भर्ती होने वाले मरीजों के तीमारदारों को अब ट्राप्टी जांच के लिए ब्लड सैम्पल लेकर सड़क क्रास करके ट्रामा सेंटर की पैथालॉजी तक नही जाना पड़ेगा। यह जांच अब लॉरी कार्डियोलॉजी में करके रिपोर्ट दे दी जाएगी। इसके अलावा कुलपति प्रो. एमएल बी भट्ट ने कई समस्याओं का निराकरण करने के साथ ही पीआरओं को मरीजों व तीमारदारों की दिक्कतों को निदान कराने में मदद करने का निर्देश दिया है।
केजीएमयू प्रवक्ता डा. नरसिंह वर्मा ने बताया कि अभी तक लॉरी में भर्ती होने वाले हार्ट पेशेंट को हार्ट अटैक की शिकायत की आशंका पर पुष्टि करने के लिए ब्लड में ट्राप्टी जांच करायी जाती है। यह जांच केजीएमयू के ट्रामा सेंटर की पैथालॉजी में होती है। तीमारदार लॉरी से ब्लड सैंपल लेकर सड़क क्रास करके ट्रामा सेंटर में जांच कराता था। करीब एक घंटा बाद दोबारा जांच रिपोर्ट लेने आता था। लेकिन अब केजीएमयू प्रशासन ने कार्यदायी संस्था को लॉरी कार्डियोलॉजी में ट्राप्टी जांच का ब्लड सैंपल लेकर जांच करने की जिम्मेदारी दी है।
अब मरीज को लॉजी में जांच के बाद रिपोर्ट भी मिल जाएगी। इसके अलावा चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में आये दिन खराब रहने वाली लिफ्ट को हटाकर कैप्सूल लिफ्ट लगाने का निर्देश दिया है। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. एस एन शंखवार, चिकित्सा अधीक्षक डा. विजय कुमार,प्राक्टर प्रो. आर एएस कुशवाहा आदि मौजूद थे।















