लखनऊ। राजाजीपुरम स्थित रानीलक्ष्मी बाई संयुक्त चिकित्सालय में मंगलवार को भी संविदा कर्मियों ने आठ महीने से वेतन न मिलने से नाराज व छह सूत्रीय माँगों को लेकर तृतीय व चतुर्थ संविदाकर्मियों की दूसरे दिन की सामूहिक हड़ताल के चलते मरीजों को इलाज नहीं मिला। इसके चलते सैकड़ों मरीज बगैर इलाज ओपीडी से वापस लौट गए। पर्चा काउन्टर पर भीड़ देखकर कुछ मरीजांे को निजी हास्पिटल मे मजबूरन इलाज करवाना पड़ा। वही डाक्टरों ने इमरजेंसी में आए मरीजों को दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया।
अस्पताल के चतुर्थ श्रेणी के संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से मरीजों का हाल दूसरे दिन भी बेहाल रहा। हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार सुबह करीब 9.30 बजे बिजली न रहने के कारण अल्ट्रासाउन्ड , ईसीजी व पैथालॉजी में जन समूह नजर आया। मरीजों की लम्बी-लम्बी लाइनों में लगकर इमरजेंसी पर्चा कटवाया। ओपीडी व पैथॉलॉजी मे लाइन में खड़े मरीज अपना नंम्बर पाने के लिये मरीजों के तीमारदारों में नोंकझोक भी हुई लेकिन करीब 10.30 मिनट पर बिजली आने के बाद हास्पिटल की पैथालॉजी व अन्य विभागों का कार्य बहाल हो पाया लेकिन तब तक भीड़ देख सैकड़ों मरीज बैरंग लौट चुके थे।
स्थिति को संभालते हुए सीएमओ कार्यालय द्वारा दूसरे ठेकेदार संन्तोष मिश्रा बाहर से दो कर्मचारियों से किचन मे खाना बनवाकर मरीजों को खाना मुहैया करवाया गया लेकिन चतुर्थ व तृतीय संविदा कर्मियों की हडताल की वजह से मरीजो की चादर नहीं बदली जा सकी। संविदा कर्मचारी विष्णूदत्त तिवारी ने बताया कि सीएमएस डा. आरके चौधरी ने सोमवार को देर शाम तक पुलिस कर्मी द्वारा दबाव बनाकर वार्ता की गई, जोकि विफल रही। परिणामस्वरूप मंगलवार को भी अस्पताल में संविदा कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही। विष्णू दत्त तिवारी , राकेश तिवारी , सलीम , भानू आदि संविदा कर्मचारियो का कहना है कि जब तक आठ माह का बकाया मानदेय नहीं मिलेगा तब तक उनका आंदोनल जारी रहेगा।















