लखनऊ. राजाजीपुरम् स्थिति राजकीय रानीलक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय की फार्मेसी में दवा होने के बावजूद मरीजों को बाहर से महंगी दवाइयाँ खरीदनी पड़ रही है। इससे मरीज के परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ के साथ इलाज में देरी से उनकी जान के साथ भी खिलवाड़ हो रहा है। यहाँ नेत्र रोगियो को दवाँइयाँ न मिलने से उनको दवाँइयाँ बाहर से खरीदनी पड रही है.
पारा स्थिति काशीराम आवास निवासी अनीता सिंह अपनी बेटी अनामिका की आँख मे तकलीफ के कारण नेत्र रोग विशेषज्ञ आर के चौधरी को दिखाये जाने पर क्वालीनेस सिरप ,ऐडी कैप्सूल, आई ड्राफ्ट ल्यूमेमॉक्स एलटी , पौलीनेस ट्यूप , विटामिन टैबलेट बीप्लाँक्स फोरटी लिखा लेकिन जब ओ० पी ० डी कक्ष संख्या 6 मे जब दवा लेने गई तो फार्मिस्ट जेपी श्रीवास्तव , कुसुम रॉय द्वारा क्वालीनेस सिरप थमाकर अन्य दवाइयाँ स्टॉक में न होना बताया.
जबकि यह दवा अस्पताल की फार्मेसी में फ्री में दी जाती है इस मामले की पडताल के लिये जब औषधि भंण्डान कक्ष मे सीबी चतुर्वेदी से जानकारी ली गई तो दवाँइयाँ मैजूद मिली तथा जो दवाँइयाँ नही थी उसके दूसरे फारमूले उपलब्ध मिले जो कि हास्पिटल के स्टाक मे दवाँ होने के बाद भी मरीजो के वितरण नही किया जा रहा है जो कि हास्पिटल के प्रबंन्धन पर सवाल खड़े करता है। इस विषय पर जब चीफ फारमेस्ट रामऔतार गुप्ता से बात की गई तो कतराते नजर आये संतोषजनक जानकारी न देते हुये कहा कि स्टाक के प्रबंन्धन की जिम्मेदारी फार्मेस्ट जेपी श्रीवास्तव की है.