लखनऊ। गोमतीनगर में रियल स्टेट कारोबारी के घर डकैती की वारदात के 24 घंटे बाद ही पारा थाना क्षेत्र में बदमाशों ने रिटायर्ड फौजी की बेटियों की चाकू से गला रेत कर बेरहमी से हत्या कर दी। सुबह करीब साढ़े आठ बजे हुई इस सनसनीखेज वारदात के समय दोनों बहने घर पर अकेली थी। घटना की सूचना पर आईजी ए सतीश गणेश, डीआईजी प्रवीण कुमार और पुलिस कप्तान दीपक कुमार समेत आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी।
पारा थाना क्षेत्र के राम बिहार कालोनी निवासी लाल बहादुर सिंह रिटायर्ड फौजी हैं। वह जोधपुर से सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। लाल बहादुर पत्नी रेनू सिंह, बेटियां आरती (26), सोनम (18) के साथ रहते हैं। सोनम सेंट मैरी स्कूल में 12वीं की छात्रा थी जबकि आरती बीटेक करने के बाद घर पर ही रहती थी। वहीं लाल बहादुर का बेटा संतोष एल एंड टी कंपनी में काम करता है और वहीं गेस्ट हाउस में रहता है। लाल बहादुर ने बताया कि मंगलवार सुबह आठ बजे वह पत्नी रेनू का सिटी स्कैन कराने के लिए कमांड अस्पताल जाने के लिए निकले थे।
उससे पहले उनकी बेटियों ने उनके लिए खाना भी बनाया था। कमांड अस्पताल पहुंचने के बाद पड़ोसी ने उन्हें फोन पर बेटियों के कत्ल की जानकारी दी। वह आनन-फानन में घर पहुंचे और पुलिस को इसकी सूचना दी। पीडिघ्त पिता की माने तो जब वह घर में दाखिल हुए तो उसकी बेटियों सोनम और आरती की लाश किचन में पड़ी हुई थी। उनका गला बेरहमी से रेता हुआ था। खून किचन से लेकर आंगन और कमरों में पड़ा था। जवान बेटियों की लाश देखकर लाल बहादुर के पैरों तले जमीन खिसक गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की और फारेंसिक टीम के अलावा आईजी ए सतीश गणेश, डीआईजी प्रवीण कुमार और कप्तान दीपक कुमार को इसकी जानकारी दी। आईजी, डीआईजी और एसएसपी दीपक कुमार मौके पर पहुंचने के बाद जांच पड़ताल किया। पुलिस का कहना है कि फारेंसिक टीम घटना स्थल से नमूने लेकर जांच में जुट गई है। फिलहाल घटना की वजह साफ नहीं हो सकी है।
घात लगाए बैठे थे बदमाश :
स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना अंजाम देने के लिए बदमाश पहले से ही घात लगाए बैठे थे। दरअसल सुबह करीब आठ बजे जैसे ही लाल बहादुर पत्नी रेनू को लेकर कमांड अस्पताल के लिए निकले। उसके कुछ ही देर बाद उनकी बेटियों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पड़ोसियों की माने तो वारदात साढ़े आठ बजे से लेकर नौ बजे के बीच हुई है।
कत्ल में दिखी बदले की भावना :
जिस तरह से सगी बहनों की गला काट कर हत्या की गई है उससे साफ दिख रखा था कातिल बदले की भावना से ही आया था। बदमाश ने पहले दोनों बहनों पर चाकू से ताबड़तोड़ हमले किए। जान बचाने के लिए पीडिघ्ताएं किचन की ओर भागी जहां बदमाशों ने उनकी बेरहमी से गला रेत कर हत्या कर दी।
एक से ज्यादा कातिल होने का शक :
जिस तरह से दिनदहाड़े घर में घुसकर सगी गहनों की हत्या की गई है उससे साफ है कि यह एक हत्यारे का काम नहीं है। घटना में कई बदमाश शामिल थे। यही वजह थी कि बदमाश अपने मकसद में शामिल हो सके।
बदमाशों का था घर आना-जाना :
सूत्रों माने तो घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों का घर आना-जाना भी था। यही वजह थी कि उन्हें इसकी भी जानकारी थी कि रिटायर्ड फौजी लाल बहादुर घर से निकलने वाले है और उनकी दो बेटियां ही घर में अकेली रहेंगी। इतना ही नहीं बदमाश बहुत ही आसानी से घर में दाखिल भी हो गए। फिलहाल पीडिघ्त पिता घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सके।
जिंदगी भर का मिल गया दर्द :
मृतक सोनम और आरती की मां रेनू को काफी समय से सिर में तेज दर्द रह रहा था। यही वजह थी कि वह मंगलवार सुबह पति लाल बहादुर के साथ कमांड अस्पताल सिटी स्कैन कराने गई थी। उनके सिर का दर्द तो ठीक नहीं हुआ लेकिन जिंदगी भर का दर्द जरूर मिल गया जो शायद ही ठीक हो सके।
एक मोबाइल का डाटा किया डिलिट :
फिलहाल पुलिस अधिकारी मृतक युवतियों के मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर कॉल डिटेल निकलवाने की तैयारी कर रहे हैं। उन्हें उ मीद है कि हो सकता है कि मोबाइल फोन के जरिए कातिलों तक पहुंचा जा सके। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि जांच के दौरान घर में तीन मोबाइल फोन मिले हैं, जिन्में एक मोबाइल फोन का डाटा पूरी तरह से डिलिट कर दिया गया था। इससे आशंका जताई जा रही है कि कातिल दोनों बहनों से परिचित था, जिनका मोबाइल डाटा से भी पुलिस को सुराग मिलने का डर था।















