इंटर्न भत्ता व सातवांवेतनमान लागू न होने के अलावा राजस्थान में डाक्टरों के उत्पीड़न के विरोध में किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेजीडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन ने 13 वें दीक्षांत समारोह का बहिष्कार किया।बहिष्कार करते हुए रेजीडेंट डाक्टर्स ने केजीएमयू के मेन गेट पर छत्रपति शाहू जी महाराज की प्रतिमा के नीचे प्रदर्शन किया। रेजीडेंट डाक्टरों के अचानक इस रवैये से केजीएमयू प्रशासन हैरान रह गया।
इस कारण कोई भी रेजीडेंट डाक्टर्स दीक्षांत समारोह में जाकर बवाल न करें। इसलिए कन्वेशन सेंटर में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गयी। इसके अलावा इमरजेंसी व्यवस्था को चाक चौबंद करने के लिए केजीएमयू प्रशासन ने एड़ी चोटी लगा दी।
केजीएमयू के रेजीडेंट डाक्टर एसोसिएशन का कहना है कि प्रदेश सरकार उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। केजीएमयू में स्वास्थ्य व्यवस्था की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। यहां पर नियमित इलाज देने के लिए प्राथमिक इलाज नहीं मिल पाता है। देर से होने पर आरोप रेजीडेंट डाक्टरों पर लगता है। उनका आरोप है कि केजीएमयू में कर्मचारी तक का सातंवा वेतन दिया जा रहा है ,लेकिन रेजीडेंट डाक्टरों को नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में कई बार मुख्यमंत्री व राज्यपाल को मिलकर पत्र दिया जा चुका है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। इसके अलावा राजस्थान में डाक्टरों का भी वह लोग विरोध करते है। वहां पर उनकी जायज मांगों को पूरा करने की बजाय लगातार उनका उत्पीड़न किया जा रहा है।
केजीएमयू प्रशासन ने पहले को रेजीडेंट डाक्टरों को दीक्षांत समारोह का बहिष्कार करने रोका, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस का सुरक्षा दायरा बढ़ा दिया गया। कन्वंेशन सेंटर में कहीं से भी कोई रेजीडेंट डाक्टर्स प्रवेश न करें। इसके लिए चप्पे- चप्पे पर पुलिस बल लगा दिया गया था।












