साथियों पर FIR दर्ज होने से रेजीडेण्ट डाक्टरों का OPD ठप करा प्रदर्शन

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न्यू ओपीडी की सेवाएं हुई बाधित, 2:30 बजे तक मरीजों के लिए खुले काउंटर

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लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में चार साथियों पर मारपीट के आरोप पर दर्ज की गयी एफ आईआर के विरोध में जूनियर रेजिडेंट डाक्टरों का आक्रोश थम नहीं रहा है। बुधवार को जूनियर डाक्टरों के एक बार फिर ओपीडी पहुंच कर नारे बाजी करते हुए प्रदर्शन किया। आक्रोशित जूनियर डाक्टरों ने ओपीडी में पंजीकरण का काम ठप करा दिया। इससे ओपीडी में अफरा-तफरी मच गयी।

मौके पर पहुंचे केजीएमयू के वरिष्ठ सर्जन डा. के के सिंह व डा. कुलरंजन ने जूनियर डाक्टरों को समझाने की कोशिश की। इस दौरान उनकी तीखी नोंक -झोंक भी हुई। जूनियर डाक्टर लगातार अपने चारों साथियों पर एफआईआर वापस लेेने की मांग कर रहे थे। इस दौरान लगभग एक घंटे से ज्यादा ओपीडी में लगभग कामकाज ठप रहा। बाद में केजीएमयू प्रशासन ने 2.30 तक पंजीकरण का समय बढ़ा कर राहत देने की कोशिश की। प्रदर्शन के बाद गठित जाँच कमेटी की रिपोर्ट आने तक चार जूनियर रेजिडेंट के निलंबन आदेश स्थगित कर दिया गया है।

बताते चले कि बीते 20 सितम्बर रात्रि में संस्थान के ट्रॉमा सेंटर ऑर्थो सर्जरी विभाग में नर्सिंग अधिकारी शुभम राव को जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों द्वारा मारपीट करने व जान से मारने के आरोप लगे थे, जिसमें पीड़ित शुभम राव द्वारा स्थानीय थाने चौक में नौ जूनियर रेजिडेंट के खिलाफ बीएनएस एफआईआर दर्ज कराई थी। वही संस्थान प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गयी थी। वहीं संस्थान की जूनियर रेजिडेंट पर कार्रवाई से मामला गरमा गया। बुधवार को संस्थान के सभी जूनियर रेजिडेंट एकजुट होकर न्यू ओपीडी में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। जिसमें संस्थान प्रशासन को जानकारी मिलते ही समझाने बुझाने में जुट गया।

वहीं दूर दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को दिक्कत का सामना भी करना पड़ा। अधिकांश मरीज प्रदर्शन देखकर असहज महसूस किया। वहीं मरीजों की समस्याओं को देखते हुए संस्थान प्रशासन द्वारा न्यू ओपीडी की समय सीमा बढाकर ढाई बजे तक रजिस्ट्रेशन काउंटर खोल दिया गया। केजीएमयू प्रवक्ता डा. के के सिंह का कहना है कि जूनियर डाक्टरोंके प्रदर्शन के दौरान भी मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। वहीं गठित जाँच कमेटी की रिपोर्ट आने तक चार जूनियर रेजिडेंट के निलंबन आदेश स्थगित कर दिया गया है। दोनों पक्षो में आंशिक रूप से समझौता होने की सहमति हो गयी है।

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