किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में दवाओं की कमी व संसाधनों की कमी से परेशान रेजीडेंट डाक्टरों के प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने केजीएमयू में दवाओं के संकट व सर्जिकल समस्या का निराकरण कराने की मांग की आैर मरीजों की दिक्कतों को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल से हर सम्भव सहयोग देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने नोट बंदी के कारण मरीजों को रही दिक्कत से निजात दिलाने के लिए कुछ दिन के लिए ट्रामा सेंटर में भर्ती को निशुल्क कराने के लिए वादा किया। केजीएमयू के सभी विभाग सहित ट्रामा सेंटर में बजट की कमी को बताते हुए दवाओं की कमी बनी हुई है।
इमरजेंसी में आये मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है –
यह किल्लत पिछले एक महीने से ज्यादा वक्त से बनी हुई है। इसके कारण ऐसे में मरीजों को बाहर से दवाओं व सामान्य सर्जिकल सामान खरीद कर लाना पड़ रहा है। इमरजेंसी में आये मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। रेजीडेंट डाक्टरों ने बताया कि मरीजों को सबसे ज्यादा ट्रामा सेंटर में इलाज कराने में परेशानी आ रही है आैर वह अपना गुस्सा डाक्टरों पर उतार रहे है। रेजीडेंट एसोसिएशन केजीएमयू से शिकायत भी कर चुकी है आैर नोटिस भी चिपका चुकी है कि वह बाहर से दवा नहीं मंगायेगे, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा है। इससे लगातार परेशान रेजीडेंट डाक्टरों का प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचा।
मुख्यमंत्री श्री यादव ने उनकी समस्या को सुनकर उन्होंने सकारात्मक परिणाम निकालने के आवाश्वासन दिया। अारडीए के अनुसार मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नोट बंदी के बाद मरीजों को काफी दिक्कतें आ रही है। ऐसे में ठ्रामा सेंटर में मरीजों की कुछ दिन तक भर्ती निशुल्क की जाने पर विचार भी किया जा रहा है।