इस पोर्टल पर टीकाकरण का पंजीकरण करा सकते हैं अभिभावक

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घर बैठे नियमित टीकाकरण के लिए कर सकेंगे पंजीकरण
प्रशिक्षण लेने के बाद यह स्वास्थ्य अधिकारी आशा और एएनएम को करेंगे प्रशिक्षित
कोविन पोर्टल की तर्ज पर यूविन पोर्टल में किया गया बदलाव

लखनऊ । यूविन पोर्टल को लेकर जनपद स्तरीय अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान एवं यूएनडीपी के सहयोग से आयोजित हुआ |
प्रशिक्षण कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के नियमित टीकाकरण के महाप्रबंधक डा. मनोज कुमार शुकुल ने बताया कि कोविड टीकाकरण को लेकर शुरू किये गये कोविन पोर्टल की तर्ज पर यूविन पोर्टल में बदलाव किए गए हैं | पहले जहां यह यूविन पोर्टल कोल्ड चेन से संबंधित जानकारी रखता था वहीं अब इस पोर्टल के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण संबंधी सारी जानकारी मिल सकेगी |
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि
इस पोर्टल को शुरू करने का उद्देश्य शत प्रतिशत टीकाकरण में लाभार्थी के अनुसार सूचना एवं देय टीकों की रियल टाइम स्थिति प्राप्त करनी है | यह पोर्टल कोविन पोर्टल की तरह काम करेगा | इस पोर्टल के शुरू होने से लाभार्थी को यह सुविधा होगी कि वह घर बैठे ही टीकाकरण के लिए स्लॉट बुक कर सकता है | जिस तरह से कोविड वैक्सीन के लिए करते थे | इसके साथ ही कोविड टीकाकरण के बाद लाभार्थी को टीकाकरण लगने का प्रमाणपत्र मिलता था उसी तरह यूविन पोर्टल द्वारा भी टीकाकरण के बाद प्रमाण पत्र मिलेगा | यूविन पर पंजीकरण होने के बाद गर्भवती और बच्चे का देश में कहीं भी टीकाकरण हो सकेगा |
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि यहां पर प्रशिक्षण लेने के बाद यह अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता और एएनएम को प्रशिक्षण देंगे ।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. ए.पी.मिश्रा ने बताया कि यूविन पोर्टल की शुरुआत स्वयंसेवी संस्था यूएनडीपी के सहयोग से की गई है | यूविन पोर्टल पर शून्य से छह साल तक के बच्चों और गर्भवती को लगाए गए टीकों की ऑनलाइन ट्रेकिंग की जाएगी जिससे कि ड्यू लिस्ट के अनुसार टीकाकरण करना आसान होगा | इसके साथ ही यूविन पर प्रसव का विवरण भी दर्ज होगा | जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि यूविन को कोविन, ई-विन और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से भी लिंक किया गया है |
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि यू-विन पोर्टल या ऐप को मोबाइल में डाउनलोड कर लाभार्थी स्वयं तथा अपने परिवार के सदस्यों को पंजीकृत कर इसका लाभ उठा सकते हैं। आंकड़ों के आदान-प्रदान के लिए यू-विन पोर्टल को कोविन से भी जोड़ दिया गया है। इस कारण ज्यादातर लोगों के आंकड़े पहले से ही पोर्टल पर मौजूद हैं। जैसे ही आप अपने पूर्व में कोविड टीकाकरण के वक्त कोविन एप दर्ज कराए गए अपने मोबाइल नंबर को यूविन एप पर रजिस्टर करते हैं, वहां आपका नाम, पता, आधार नंबर आदि विवरण आ जाता है। बच्चे की जन्मतिथि डालते ही लगने वाले टीके की पूरी सूची तारीख के साथ दिखने लगेगी।
प्रशिक्षण के पहले दिन राम मनोहर लोहिया अस्पताल(आरएमएल) ,एसजीपीजीआई, किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, सभी जिला अस्पताल, 23 प्लानिंग यूनिट और सभी नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण के दूसरे दिन ग्रामीण सीएचसी के स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आर.एन. सिंह, उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. शहीद रजा, जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी योगेश रघुवंशी, नियमित टीकाकरण के डाटा असिस्टेंट विजय बाजपेई, सहयोगी संस्था यूएनडीपी से महेश शर्मा, मुदित माथुर, अक्षत त्रिपाठी विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ़ और यूपीटीएसयू के प्रतिनिधि, मौजूद रहे ।

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