लखनऊ। प्रमुख सरकारी अस्पतालों के शव गृह में शव सड़ने न पाए, इसलिए वातानुकूलित ताबूत (सिंगल डेड वॉडी रिफ्रजिरेटर) की व्यवस्था की गयी है। बलरामपुर व सिविल सहित कई अस्पतालों में कॉफिन पहुंच गए, लेकिन अभी इंस्ट्राल नहीं किये गए हैं। बताया जाता है कि कॉफिन में आधा हार्स पावर का एससी लगा है, इसे शव गृह में रखा जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के द्वारा यह व्यवस्था शुरू की गयी है। सूत्र बताते हैं कि क्षत विक्षत शव जल्दी सड़ने लगते हैं, इसका असर शव गृह में रखे अन्य शवों पर पड़ता है।
शव से उठती दुर्गंध के कारण उसका पोस्टमार्टम काफी कठिन होता है। पोस्टमार्टम एक निर्धारित समय पर होता है, इसलिए शव गृह में वातानुकूलित ताबूत होना जरूरी है। डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. आशुतोष दुबे ने बताया कि उम्मीद है कि जल्द ही इंट्रालेशन हो जाएगा। फिलहाल, शव गृह में एसी लगा हुआ है।