लखनऊ। देश में प्रतिवर्ष 20 लाख लोग पुतली की बीमारी से ग्रसित हैं। इसके चलते एक बड़ी आबादी पुतली की बीमारी के कारण अंधता का शिकार है। यह जानकारी किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के नेत्र रोग विभाग के प्रोफेसर डा. अरुण कुमार शर्मा ने दी। डा. शर्मा शनिवार को इण्डियन सोसाइटी ऑफ कार्निया एण्ड क्रियटोरिफरेक्टिव सर्जरी एसोसिएशन की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में लाखों लोग पुतली की बीमारी से जूझ रहे है। उनके निदान के लिए प्रतिवर्ष एक लाख लोगों की कार्निया का प्रत्यारोपण जरूरी है। लेकिन 2016 के आंकड़ों के मुताबिक केवल 22 हजार कार्निया ही प्रत्यारोपित हो पायीं। इसमें अगर देखा जाए तो प्रदेश में स्थित और ज्यादा खराब है। यहां पर 2 लाख लोग पुतली की बीमारी से ग्रसित है। उन्हें प्रत्यारोपण की जरूरत है। प्रति वर्ष 20 हजार कार्निया प्रत्यारोपण हो तब जाकर एक बड़ी आबादी को पुतली की बीमारी से छुटकारा मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 2016 में केवल 316 पुतली की समस्या से ग्रसित मरीजों का कार्निया प्रत्यारोपण हो पाया।
उन्होंने बताया कि इण्डियन सोसाइटी ऑफ कार्निया एण्ड क्रियटोरिफरेक्टिव सर्जरी एसोसिएशन इस बिन्दु पर लगातार विचार कर रहा है कि कार्निया प्रत्यारोपण की संख्या बढ़ाया जाये। जिससे हर साल ज्यादा से ज्यादा लोगों का कार्निया प्रत्यारोपण हो सके । साथ ही उत्तर प्रदेश में आई बैंक की स्थापना के बारे में भी चर्चा चल रही है। आने वाले समय में आई बैंक की स्थापना अन्य जगहों पर की जायेगी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में अभी केजीएमयू में एक मात्र आई बैंक है। इस अवसर पर केजीएमयू के कुलपति प्रो.एमएलबी.भट्ट,नेत्र रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डा.विनीता सिंह सहित वरिष्ठ डाक्टर मौजूद थे।
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