पोलियों की तरह टीबी का चले अभियान – आईएमए भवन में सीएमई

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Photo Source: http://www.indepth-network.org

लखनऊ। पोलियो की तरह अभियान चलाकर टीबी नियंत्रण कार्यक्रम चलाने की जरूरत है। डब्लूएचओ के आकड़ों पर नजर डाले तो विश्व स्तर पर 27 प्रतिशत रोगी अपने देश में हैं। सामान्य टीबी का एक रोगी साल भर में पंद्रह मरीजों को संक्रमित कर सकता है। यदि मरीज ने आधा अधूरा इलाज कराया तो वह एमडीआर की श्रेणी में आएगा। ऐसी मरीज से सामान्य टीबी का नहीं बल्कि एमडीआर संक्रमित करेगा। यह बात किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्पाइरेटरी विभाग के अध्यक्ष डा. सूर्यकांत ने गुरुवार को रिवर बैंक कालोनी स्थित आईएमए भवन में आयोजित सीएमई में कही।

मोटापा के कारण हाई बीबी, हाईपरटेंशन, डायबिटीज आैर किडनी संबंधी बीमारी हो सकती है –

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में करीब पांच लाख मरीज सामान्य टीबी से संक्रमित आैर एमडीआर से करीब 25 लाख मरीज चिह्नित हैं। इसके बाद मोटापा के कारण होने वाली बीमारियों के बारे में किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के मेडिसिन विभाग के डा. सतेन्द्र कुमार सोनकर ने बताया कि मोटापा के कारण हाई बीबी, हाईपरटेंशन, डायबिटीज आैर किडनी संबंधी बीमारी हो सकती है। उन्होंने उपचार आैर बचाव के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में आईएमए के अध्यक्ष डा. पीके गुप्ता आैर सचिव डा. जेडी रावत ने सीएमई की उपयोगिता के बारे में बताया।

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