पोलियों की तरह जड़ मुक्त करें दिमागी बुखार : राजेश अग्रवाल

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लखनऊ – जापनी इंसेफ्लाइटिस (जेई) एक्यूट इंसे लोपैथी सिंड्रोम एक जानलेवा बीमारी है। इससे बच्चे अपंग हो जाते है दुख की बात यह है कि इस बीमारी से बच्चों को बचाने के लिए सिवाय टीकाकारण के कोई भी रोकथाम के ठोस उपाय नहीं है। एक बार बच्चा इस बीमारी की चपेट में आ गया तो बच्चे को बचा पाना मुश्किल हो जाता है लेकिन बच्चे को अगर समय रहते इस बीमारी का टीका लगा दिया जाए। इस बीमारी को पोलियों की तरह हराया जा सकता है। गोरखपुर में बच्चों को यह अधिक चपेट में ले रहा है गोरखपुर में बच्चो को इस अभिशाप से बचाने के टीकाकरण जरूरी है।

बीजेपी सरकार पूरी तरह से इसको जड़ से खत्म करने में स्वास्थ्य विभाग का पूरा सहयोग करेंगी। यह बाते वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने जियामऊ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में जेई यानि जापानी इंसेफेलाइटिस एक्यूट सिंड्रोम अभियान के उद्घाटन समारोह में कही। कार्यक्रम में मातृ एवं शिशु कल्याण आैर परिवार कल्याण राज्यमंत्री स्वाती सिंह ने कहा कि जेई टीकाकारण जेई बीमारी से लड़ने के लिए एक अच्छा शस्त्र है। इससे हम जेई को मात दे सकते है। एक बार सारे बच्चों को टीकाकरण हो गया तो फिर यह बीमारी किसी भी बच्चे को छू भी नहीं पाएगी।

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सीएमओ डा. जीएस बाजपेई ने बताया कि पिछली बार बारह लाख बच्चों का टीकाकारण किया गया था। तीन लाख बच्चे छूट गए थे। इस बार छुटे हुए बच्चों का टीकाकरण कर उन्हें इस बीमारी से मुक्त करना है। इस बार हमारा लक्ष्य है किसी भी बच्चे की मौत इस बीमारी से न हो। जेई यानि जापानी इंसेफेलाइटिस बच्चों व किशोरों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आज से टीकाकरण अभियान शुरू किया। अभियान के उद्घाटन में वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल राज्यमंत्री स्वाती सिंह, जिला अधिकारी कौशल राज्य शर्मा, केन्द्र की प्रभारी डा. रश्मि यादव मौजूद रहे। अभियान का समापन आगामी 11 जून को किया जाएगा।

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