लखनऊ । प्रसव प्रक्रिया एक महिला के लिए जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण समय होता है जो कि महिला के मातृत्व जीवन को खुशहाल बनाता है। सही समय पर चिकित्सकीय परामर्श और स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने के कारण देश में हर वर्ष लाखों महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की गर्भावस्था एवं प्रसव प्रक्रिया में मृत्यु हो जाती है।
गर्भावस्था के दौरान नियमित व उचित चिकित्सीय परामर्श न मिलने के कारण लिए कई बार महिलाओं को आकस्मिक परिस्थितियों में जटिल आपरेशन प्रक्रिया से भी गुजरना होता है। इसके अतिरिक्त महंगे आपरेशन लाखों परिवारो की आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित करते हैं। आधुनिक जीवन शैली भी आपरेशन प्रक्रिया से प्रसव के चलन को बढ़ावा दे रही है। 12 से 24 घंटे की प्रसव पीड़ा असहनीय होती है, जिस कारण आपरेशन से होने वाले प्रसव पिछले दो दशक में बढ़ हो गया है, जो कि चिन्ताजनक विषय है। इन सभी शल्य क्रिया से होने वाले प्रसव से भविष्य में होने वाले दुष्परिणामों को बचाने तथा सामान्य प्रसव क्रिया को प्रोत्साहन देने में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं नर्सेज का बहुत महत्वपूर्ण योगदान होता है, क्योकि मिडवाइफ एवं नर्सेज आज देश के सबसे पिछड़े क्षेत्र से लेकर सबसे विकसित महानगरों में सामान्य प्रसव कराकर माँ एवं शिशु को उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करने में सहयोग कर रही है।
प्रसव प्रक्रिया मे मिडवाइफ के महत्वपूर्ण योगदान को मध्यनजर रखते हुए “माँ” और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने हेतु “मिडवाइफ को पुनः लाना” विषय पर एक तीन दिवसीय सम्मेलन का आयोजन सोसाइटी ऑफ मिडवाइफ एवं नर्सिंग कालेज संजय गांधी पी जी आई के संयुक्त तत्वाधान में दिनांक 17 मार्च से 19 मार्च को किया जायेगा। इस सम्मेलन में देश भर से नर्सिज एवं मिडवाइफ प्रतिभाग कर रही है एवं अब तक चार सौ (400) से अधिक नर्सेज एवं मिडवाइफ ने प्रतिभाग हेतु अपना रजिस्ट्रेशन भी करवा लिया है। सम्मेलन का आयोजन श्रुति ऑडिटोरियम, संजय गांधी पीजीआई में होगा। सम्मेलन का उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री ब्रजेश पाठक होंगे। इसके अतिरिक्त अतिथियों में डा० आलोक कुमार चिकित्सा शिक्षा सचिव, रजिस्ट्रार, उत्तर प्रदेश स्टेट मेडिकल फैकल्टी व प्रो आर के धीमन निदेशक, पीजीआई होंगे।
मुख्य अतिथियों का स्वागत डा० प्रकाशम्मा उत्तर हैदराबाद, श्रीमती मिताली अध्यक्ष सोसाइटी ऑफ मिडवाइफ डा० राधा के प्रधानाचार्य नर्सिंग कालेज एस जी पी जी आई श्रीमती शबाना खातून एवं डा० गीता परवन्दा के द्वारा किया जायेगा।
तीन दिवसीय सम्मेलन में राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर के शोध पत्र प्रस्तुत किये जायेगे। सम्मेलन में मिडवाइफ के उत्कृष्ट अभ्यास को भी प्रस्तुत किया जायेगा जिससे प्रतिभागी नई पद्धतियों के बारे में जान सकेंगे। सम्मेलन में देश के विभिन राज्यों से मिडवाइफ एजूकेटर और मिडवाइफ प्रैक्टीशनर अपने कौशल के बारे मे बतायेगे और प्रदर्शन करेंगे। सम्मेलन में पहले दिन “सामान्य प्रसव अभियान” का भी शुभारम्भ होगा जो कि शाम 5 से 6 बजे होगा। इसका मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश राज्य की किशोरियो को सामान्य प्रसव प्रक्रिया के बारे मे आवश्यक जानकारी प्रदान कर उन्हें जागरुक करना है।












