पीजीआई रेजींडेंटों ने गांधीगिरी कर मांगा एम्स बराबर भत्ते

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लखनऊ। एम्स के बराबर भत्तों की मांग को लेकर लगातार गांधीगिरी कर रहे पीजीआई रेजीडेंट डॉक्टरों ने रविवार को परिसर में 100 से ज्यादा पौधरोपण करने के साथ ही वरिष्ठ डाक्टर, प्रशासनिक अधिकारियों को पौधा भेंट किया। इससे पहले सचिव चिकित्सा शिक्षा जयंत नार्लीकर के साथ रेजीडेंट की वार्ता विफल हो गयी। बीते शनिवार को रेजीडेंट डॉक्टरों ने भारी संख्या में रक्तदान करके अपना विरोध दर्ज कराया था।

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बताते चले कि पीजीआई के कर्मचारियों की मांग पर प्रदेश सरकार ने संस्थान के कर्मचारियों को एम्स के समान वेतनमान व भत्ते देने का निर्णय कैबिनेट बैठक में लिया है। इसके बाद संस्थान में कार्यरत रेजीडेंट डॉक्टरों ने भी एम्स के समान भत्तों की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज करना शुरू किया था। जिसमें बीते रविवार को संस्थान के रेजीडेंट डॉक्टरों ने भारी संख्या में रक्तदान करते हुए हम तुम्हे खून देंगे, तुम हमें हमारा हक दो का संदेश दिया था। आज रविवार को रेजीडेंट डॉक्टरों ने गांधीगिरी करते हुए परिसर में पौधरोपण करके अपना विरोध दर्ज कराया। इसके अलावा परिसर में स्थित डाक्टरों व प्रशासनिक अधिकारियों के घर जाकर पौधा भेंट किया।

पीजीआई रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के डॉ. आकाश ने बताया कि प्रदेश सरकार ने संस्थान के डॉक्टरों और कर्मचारियों को एम्स के डॉक्टर व कर्मचारियों को एम्स के समान भत्तों को मंजूरी दे दी है, लेकिन रेजीडेंट डॉक्टरों को इससे अलग रखा है। इस कारण रेजीडेंट डॉक्टरों में खासा रोष है। उनका कहना है कि रेजीडेंट डॉक्टर संस्थान में 24 घंटे काम करते हैं और मरीज हित में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उन्हें कम वेतन व भत्ता दिया जाना उचित नहीं है। रेजीडेंट डॉक्टरों का कहना है कि जल्द ही अगर सरकार इस संबंध में कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो डॉक्टर विरोध पर उतारू हो जाएंगे।

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