लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (पीजीआई) की इमरजेंसी में भर्ती मरीजों के इलाज को लेकर दो इमरजेंसी मेडिकल आफिसर ड¬ूटी पर तैनात डाक्टरों में जमकर मारपीट हुई। मारपीट इतनी जबरदस्त थी कि एक डाक्टर का हाथ ही टूट गया आैर बुरी तरह चोटिल हो गया। उसे ही इलाज के लिए भर्ती करना पड़ा। इस मारपीट के कारण इमरजेंसी में मरीजों का इलाज ठप हो गया आैर तीमारदारों में अफरा-तफरी मची रही। मारपीट के बाद पीजीआई प्रशासन ने जांच बैठा दी है।
आरोप है कि पीजीआई की इमरजेंसी में नये ईएमओ डाक्टर पर मरीजों के इलाज में लापरवाही की लोग शिकायत कर रहे थे। पुराने ईएमओ से उसकी लापरवाही की शिकायत की गयी, तो वह नाराज हो गया आैर लड़ने लगा। उसके समर्थन में अन्य ईएमओ का भी आरोप था कि संस्थान की फै कल्टी की पत्नी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में अपनी तैनाती करा ली है आैर मनमाने तरीके से ड¬ूटी करती है, जिसके कारण डाक्टरों में रोष व्याप्त है। उधर दोनों ईएमओं में नोंक -झोंक कुछ देर में मारपीट में बदल गयी।
मारपीट के कारण इमरजेंसी में अफरा-तफरी का माहैाल बन गया। मारपीट में एक ईएमओ डा. जमील के हाथ में टूट गया। बताया जाता है कि मारपीट के बाद अभी मामला शांत नही हो पाया है। तैनात ईएमओ डाक्टरों का कहना है कि इमरजेंसी की ड¬ूटी में मनमानी की जाती है। उधर पीजीआई प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेकर हुए घटना की जांच कराने के आदेश दे दिया है।















