लखनऊ। पायरिया की बीमारी में दांतों के मसाज को न करके दांतों में ब्राश करना चाहिए। यह जानकारी यूपी डेंटल शो में किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के डा. लक्ष्य यादव ने दी। कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में इंडियन डेंटल एसोसिएशन सहयोग दे रही है। कार्यक्रम में दूर दराज जनपदों के बारह सौ से ज्यादा डेंटल डाक्टर भाग ले रहे है।
कार्यक्रम में रूट कैनाल में फींिलंग की नयी तकनीक को जानकार दूर- दराज से डाक्टर हैरान थे। वह जानकारी देने के बाद भी नयी तकनीक के गहन पूछताछ अलग से करने को बेताब थे।
डा. अनिल चंद्रा ने बताया कि रुट कैनाल करने के बाद अक्सर मरीज की फीलिंग होने के बाद भी दिक्कत होने लगती है। ऐसे में पता नहीं चलता है कि रूट कैनाल में कहां गड़बड हो गयी। अब माइक्रोस्कोप तकनीक से रूट कैनाल को सही तरीके से देखा जा सकता है। डा. रमेश भारती ने बताया कि एमटीए पदार्थ फीलिंग में नया आयाम लेकर आया है। यह फीलिंग के बाद लम्बे समय तक चलता है, लेकिन महंगा होने के कारण अभी इसका प्रयोग निजी क्षेत्र में कम किया जा रहा है। डा. लक्ष्य यादव ने बताया कि पायरिया में दांतों की मसाज विभिन्न प्रकार के पाउडर का प्रयोग किया जाता है। जब कि विशेषज्ञ की सलाह से ब्राश करना चाहिए। कार्यक्रम में डेंटल इंम्प्लांट के बारे में जानकारी दी गयी।











