लखनऊ। सात जन्मों का वादा निभाते हुए पति ने अपनी किडनी दान करके पत्नी को नया जीवन दे दिया। संजय गांधी पीजीआई में लाकडाउन के बाद सफल किडनी प्रत्यारोपण किया गया। इस प्रत्यारोपण के लिए पति ने अपनी किडनी दान देकर जान बचायी है। बताते चले कि पीजीआई में 1988 से यहां के विशेषज्ञ डाक्टरों ने किडनी प्रत्यारोपण करना शुरू कर दिया था। पूर्व निदेशक डा. राकेश कपूर ने एक वर्ष में 170 किडनी प्रत्यारोपण करके रेकार्ड भी बना चुके है।
बिहार के पटना निवासी 24 वर्षीय महिला ( 36 वर्षीय) का एक वर्ष से संस्थान में प्रो अमित गुप्ता की देख रेख में इलाज किया जा रहा है। लगातार की जा रही डायलिसिस के बाद भी हालत बिगड़ती जा रही थी।
रिश्तेदारों ने किडनी देने के लिए तैयार हो गये। इनमें उसके पति ने किडनी दान देने के लिए तैयार हो गये, लेकिन पति की किडनी पत्नी की किडनी से मैच भी कर गयी। गुरुवार को यूरोलांजी के विभागाध्यक्ष प्रो अनीस श्रीवास्तव आैर उनकी टीम ने लगातार 6 घंटे की कड़ी मशक्त के बाद सफल किडनी प्रत्यारोपण कर दिया। मरीज को अभी किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट के आई सी यू में शिफ्ट किया गया है। डाक्टरों के अनुसार वह स्वस्थ हैं।












