लखनऊ । परिवार कल्याण मंत्री डा. रीता बहुगुणा जोशी ने गुरुवार को हजरतगंज स्थित वीरांगना झलकारीबाई महिला चिकित्सालय का आैचक निरीक्षण किया। करीब एक घण्टे तक चले निरीक्षण के दौरान उन्होंने इमरजेंसी, वार्ड, पैथालॉजी आैर एनआईसीयू की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी हालिस की। इसके अलावा उन्होंने मरीजों को रेफर करने की प्रथा को बंद करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही यह भी कहा कि जो सांसधन व मैन पॉवर की जरूरत है, उसे पूरा कराया जाएगा।
जब डा. जोशी ने अस्पताल प्रशासन से चिकित्सा को बेहतर करने के लिए सुझाव मांगे तो चार एनेस्थेटिक डाक्टर की मांग की गयी, क्योंकि अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन की 24 घण्टे की व्यवस्था है लेकिन सिर्फ दो एनेस्थेटिक डाक्टर होने के कारण 24 घण्टे व्यवस्था नहीं चल पा रही है। इसी प्रकार बाल रोग चिकित्सकों की कमी है। बाल रोग ओपीडी, एसएनसीयू आैर इंडोर मरीजों को देखने के लिए सिर्फ चार डाक्टर तैनात हैं, इसमें एक डाक्टर को हार्ट अटैक पड़ने के कारण अवस्थ चल रहे हैं। एक आैर चिकित्सा का स्थानांतरण किया जा चुका है, हालांकि, डाक्टरों की कमी देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने अभी उन्हें रिलीव नहीं किया।
अस्पताल प्रशासन को चार बाल रोग चिकित्सकों की जरूरत है। पैथालॉजी में सिर्फ एक मात्र डाक्टर तैनात होने के कारण 24 घण्टे पैथालॉजी चलाना तो दूर की बात है, जिस दिन डाक्टर छुट्टी पर जाते हैं, उस दिन पैथालॉजी बंद करने की नौबत तक आ जाती है। ऐसी स्थिति में कम से कम दो पैथालॉजिस्ट की आवश्कयता है। इसके अलावा मरीज व तीमारदारों ने पार्किंग की समस्या से अगवत कराया। इसके जवाब में अस्पातल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. पंकज कुमार टण्डन ने बताया कि पार्किंग के लिए जगह की काफी कमी है। इसके लिए दो विकल्प हैं, इनमें पहला पड़ोंस में एक बंद पड़े सिनेमा हाल की भूमि का अधिग्रहण किया जाये या फिर सूचना विभाग की भूमि पर अस्पताल का स्थानांतरण किया जा सकता है।
पार्किंग के बारे में उन्होंने कहा कि अस्पताल का ज्यादातर स्टाफ हजरतगंज की पुरानी कोतवाली की भूमि पर बने भूमिगत पार्किंग में वाहन खड़ा करते हैं, इसके लिए हर माह एक हजार रूपये शुल्क देना पड़ता है। यदि शुल्क कम या माफ किया जाये तो काफी हद तक मरीजों के तीमारदार भी अपना वाहन वहीं खड़ा कर सकते हैं, क्योंकि अस्पताल के सामने वाहन खड़ा करने पर जाम की स्थिति बनती है।