लखनऊ। राजधानी में 23 फरवरी को मतदान के दिन सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इस दिन सभी बड़े चिकित्सा संस्थान व सरकारी अस्पतालों की ओपीडी बंद रहेगी आैर सर्जरी भी नहीं होगी। लोहिया संस्थान में ओपीडी आधी क्षमता के साथ चलेगी। हालांकि सभी इमरजेंसी में मरीजों को इलाज मिलेगा। इस लिए सभी चिकित्सा संस्थानों व सरकारी अस्पतालों में सोमवार को हाई अलर्ट जारी किया गया है। डॉक्टर-कर्मचारियों की टीम अलग से तैनात कर दी है। ताकि किसी भी प्रकार के मरीजों को इलाज दिया जा सकें।
23 फरवरी को केजीएमयू, पीजीआई, लोहिया संस्थान, बलरामपुर, रानी लक्ष्मीबाई, डफरिन, झलकारीबाई, सिविल व लोकबंधु समेत सभी अस्पतालों की ओपीडी सेवाएं बंद रहने का निर्देश है। इमरजेंसी सेवाओं को को अलग से विशेष क्षमता के साथ संचालन की तैयारी की जा रही है। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह के मुताबिक ओपीडी सेवाएं बंद रहेगी आैर सामान्य तौर पर विभागों में होने वाली सर्जरी भी नहीं होगी। सभी जगह इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह से संचालित होंगी। इमरजेंसी ऑपरेशन कि ये जा सकेंगे। पीजीआई में ओपीडी सेवा बंद रहने के साथ ही सर्जरी, जांच सेवा भी बंद रहेगी। सिर्फ इमरजेसी सेवा चलती रहेगी।
यह जानकारी जनसम्पर्क अधिकारी कुसुम यादव ने दी।
लोहिया संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजन भटनागर ने बताया कि कोविड कंट्रोल रूम चालू रहेगा। इसके अलावा ओपीडी सेवा आधी क्षमता के साथ चलायी जाएगी, जबकि इमरजेंसी लगातार चलती रहेगी। यहां पर बिस्तरों की क्षमता भी बढ़ाई गई है। बलरामपुर के सीएमएस डॉ. जीपी गुप्ता गुप्ता ने बताया कि बुधवार को चुनाव के मद्देनजर ओपीडी सेवाएं और डायलिसिस यूनिट सेवा बंद रहेगी। उन्होंने बताया कि सिर्फ इमरजेंसी पूरी क्षमता के साथ चलेगी। सभी डॉक्टर ऑन कॉल ड्यूटी पर रहेंगे। लोकबंधु अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी के मुताबिक ओपीडी सेवा बंद रखी जाएगी, लेकिन इमरजेंसी पूर्व की भांति चलती रहेंगी।












