लखनऊ । किसी भी डॉक्टर द्वारा जब मरीज का इलाज शुरु किया जाता है या उसकी सर्जरी हो जाती है। उसके बाद नर्सिंग केयर ही महत्वपूर्ण हो जाती है। नर्सो को चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका है। नर्सें हेल्थ केयर का एक अहम भाग है। यह बात नर्सिंग संकाय की अधिष्ठाता प्रो. मधुमति गोयल ने किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में इंस्टीट्यूट्स ऑफ नर्सिंग द्वारा नर्सों के लिए आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रही थीं। प्रो. गोयल ने बताया कि 1974 से विश्व नर्सिंग दिवस को मनाया जा रहा है। नर्से की भूमिका चिकित्सा के क्षेत्र में आपरेशन से लेकर वार्ड तक हो गयी है।
आरएमएलआईएमएस की चीफ नर्सिंग ऑफिसर सुमन सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य देखभाल मानवाधिकार का अभिप्राय है कि अस्पतालों, क्लीनिक, दवाओं और चिकित्सकों की सेवाओ को सभी के लिए सुलभ, उपलब्ध, स्वीकार्य और अच्छी गुणवत्ता के साथ एक उचित रूप से जहां और जब जरूरत हों वहा उपलब्ध होना चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं को सार्वभौमिक तौर पर हर किसी की पहुंच मे होना चाहिए तथा उन्हें सस्ती एवं सुलभ होनी चाहिए। मुख्य अतिथि प्रो. विनीता दास ने कहा गया कि किसी भी अस्पताल में सर्वप्रथम मरीज और उनके तीमारदारों का नर्स से ही सम्पर्क होता होता है अत: सबसे पहले नर्सों को मरीजो और उनके तीमारदारों से अच्छी तरह से पेश आना चाहिए।
कार्यक्रम में केजीएमयू के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. एस.एन. शंखवार ने बताया कि विश्व युद्ध के समय घायल सैनिकों की मृत्युदर करीब 72 प्रतिशत थी, किन्तु जब उन्हें लोरेंस नाईंटीगेल द्वारा नर्सिंग सेवा प्रदान की जाने लगी तो यह घटकर काफी कम हो गई । इस प्रकार नर्सों की चिकित्सा जगत में एक महत्वपूर्ण और सरहनीय भूमिका है। इस अवसर पर बीएससी नर्सिंग एवं एमएससी नर्सिंग के विद्यार्थियों को उनके शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित भी किया गया।
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