लखनऊ । आल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेस फेडरेशन, नई दिल्ली के आह्वान पर राजकीय नर्सेस संघ उत्तर प्रदेश सहित देशभर की नर्सें अपनी लंबित एवं न्यायोचित मांगों को लेकर दिनांक दो से पांच फरवरी तक काला फीता बांधकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। इसी प्रकार में राजधानी के बलरामपुर अस्पताल, सिविल अस्पताल, kgmu,पीजीआई सहित अन्य अस्पतालों में भी नर्से फीता बांध करके विरोध कर रही हैं.
इसी क्रम में नर्सेस द्वारा छह फरवरी को जंतर–मंतर, नई दिल्ली पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।

आल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेस फेडरेशन, नई दिल्ली के अतिरिक्त महासचिव व राजकीय नर्सेस संघ, उत्तर प्रदेश के महामंत्री अशोक कुमार ने बताया कि नर्सेस की प्रमुख मांगों में आठवें वेतन आयोग में नर्सिंग कैडर से संबंधित सिफारिशों पर समुचित चर्चा कर उनका शीघ्र क्रियान्वयन, पदोन्नति की स्पष्ट एवं पारदर्शी नीति लागू करना है, इसके अलावा वेतन एवं भत्तों में समानता, भारत सरकार में नर्सिंग सेक्शन को उसके मूल स्वरूप में पुनः स्थापित करना, राष्ट्रीय पुरस्कार पूर्व की भांति प्रदान करना, नर्सिंग कैडर में आउटसोर्सिंग एवं संविदा प्रथा पर रोक लगाना, निर्धारित नर्स–रोगी अनुपात के अनुसार नियमित भर्ती, समान कार्य के लिए समान वेतन एवं भत्ते, समयबद्ध पदोन्नति तथा नर्सिंग कार्यों में हो रहे अनावश्यक हस्तक्षेप को समाप्त करना प्रमुख रूप से शामिल है।
फेडरेशन एवं संघ का कहना है कि नर्सिंग स्टाफ स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ है, इसके बावजूद लंबे समय से नर्सेस की मांगों की अनदेखी की जा रही है। यह आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण है, जिसका उद्देश्य सरकार का ध्यान नर्सिंग समुदाय की ज्वलंत समस्याओं की ओर आकर्षित करना है।
आल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेस फेडरेशन एवं राजकीय नर्सेस संघ उत्तर प्रदेश ने सरकार से नर्सेस की न्यायोचित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।















