लखनऊ। बाल महिला चिकित्सालय अलीगंज में प्रसव के लिए गई गर्भवती महिला को निजी हॉस्पिटल पहुंचा दिया गया। आरोप है कि डॉक्टरों ने रुपए के लिए महिला का सिजेरियन ऑपरेशन कर दिया। इस दौरान महिला की कोई नस कटने से ब्लडिंग होने लगी। आनन-फानन में डाक्टर महिला की बच्चेदानी निकालने की बात कही। तीमारदारों की अनुमति मिलने पर डॉक्टरों ने बच्चेदानी निकाल दी। इसके बाद महिला की मौत हो गयी। तीमारदारों ने क्षेत्र की दो आशा बहुअों पर निजी अस्पताल में डिलवरी ले जाकर कराए जाने का आरोप लगाते हुए डॉक्टर-आशा बहु पर मुकदमा दर्ज कराए जाने के लिए तहरीर दी है। उधर सांसद कौशल किशोर ने महिला मरीज की मौत मामले में डॉक्टर-आशा बहु पर मुकदमा दर्ज कराए जाने के लिए पत्र अलीगंज इंस्पेक्टर को पत्र भेजा है।
फैजुल्लागंज निवासी संतोष की पत्नी सीमा (25) गर्भवती थी। उसका इलाज बाल महिला चिकित्सालय अलीगंज से चल रहा था। इस दौरान आरोप है कि इलाके की दो आशा बहु ने फैजाबाद रोड स्थित लेखराज पास निजी हॉस्पिटल में डिलवरी कराने का दबाव बनाया। बीएमसी में केस बिगड़ने का डर दिखाकर आशा बहु ने गत महीने उसे निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। आरोप है निजी अस्पताल की निगरानी में बीती 29 जनवरी को भर्ती कराया था। अगले दिन ऑपरेशन जरिए सीमा ने एक बच्ची को जन्म दिया। तीमारदारों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही से बच्चेदानी की कोई नस कट गई। इससे खून का रक्तस्त्राव होने लगा। डॉक्टरों ने सीमा की बच्चेदानी निकाल दी। इसके बाद भी उसकी हालत में कोई सुधार न हुआ। 31 जनवरी को महिला की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। नाराज तीमारदारों ने हंगामा करना शुरू किया तो अस्पताल प्रशासन ने तीमारदारों को धमकाकर वहां से लाश समेत खदेड़ दिया।
मृतका की मां तुलसी कश्यप ने इलाके की दो आशा बहु व अस्पताल के डॉक्टर डॉ. रितू सक्सेना व डॉ विवेक अग्रवाल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराए जाने की तहरीर दी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई शिकायत मामले में जांच के आदेश हुए हैं। मां तुलसी का आरोप है कि निजी हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने बच्चेदानी निकालने बाद उसकी मौत हो गई थी। संवदेनहीनता का आलम यह रहा कि डॉक्टरों ने मौत बाद टांके तक नहीं लगाए गए। सांसद कौशल किशोर ने महिला मरीज की मौत मामले में डॉक्टर-आशा बहु पर मुकदमा दर्ज कराए जाने के लिए पत्र अलीगंज इंस्पेक्टर को पत्र भेजा है। करीब पांच दिन से अलीगंज इंस्पेक्टर सांसद के पत्र को दबाए हुए हैं। तीमारदार थाने के चक्कर लगा रहे हैं। तीमारदारों का आरोप है कि पुलिस मुकदमा दर्ज करने की बजाए टरका रही है। सीएमओ डा. नरेन्द्र अग्रवाल का कहना है कि जांच करा कर आशा बहू के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिये जा रहे है।
सीएमओ डा. नरेद्र अग्रवाल का कहना है कि आशा बहु जरिए निजी अस्पताल में मरीज की शि िटंग कराए जाने का मामला गंभीर है। ऐसे मामले में आशा बहु को बाहर करने संग अस्पताल का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
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