किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय को कलाम सेंटर पर बुधवार को प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के डाक्टरों व अन्य चयनित डाक्टरों ने नीट काउसलिंग दोबारा न कराने तथा महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा के गलत तरीके से पी.जी सीट्स आबंटन एवं विधि विरुद्ध मोपअप राउंड के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया गया। पीएमएस संवर्ग के नीट पीजी में चयनित अभ्यर्थियो का कहना है कि उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के विरुद्ध जाकर महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डा. के के गुप्ता द्वारा नीट पीजी का मोप अप राउंड का आयोजन किया जा रहा है। उधर चिकित्सा शिक्षा विभाग का कहना है कि काउंसलिग ऑल इंडिया रैंक के अनुसार की जाएगी।
कलाम सेंटर पर प्रदर्शन करते हुए अभ्यर्थियो का आरोप है कि महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा द्वारा नीट पीजी सीट्स के आबंटन में गंभीर अनियमितता बरती जा रही है। सरकारी मेडिकल कालेजों की पीजी सीट का आवंटन निजी मेडिकल कालेज को दे दिया गया है। नीट पीजी के समस्त सीट्स के आबंटन की उच्चस्तरीय जांच की मांग पीएमएस संवर्ग के चयनित अभ्यर्थियों द्वारा की गई हैं। कुछ संख्या में अन्य अभ्यर्थी भी शामिल है। अभ्यर्थियों की माने तो प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक स्वयं ही जन स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार में बाधक बने हुये हैं। चिकित्सा शिक्षा एवं उनके अधीनस्थ अधिकारियों का रवैया प्रांतीय चिकित्सा संवर्ग के अधिकारियों के विरूद्ध बना हुआ है। मौजूदा समय में प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है। इस कमी को प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के चिकित्सकों को द्वारा पूरा किया जा सकता है। इसके लिए एमबीबीएस डाक्टरों को छूट भी देने का नियम है।
इसके बावजूद चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा दिक्कत की जा रही है। बताते चले कि केजीएमयू में पीजी सीट के आवंटन के मामले में गड़बड़ी का खुलासा किया गया है। बीते वर्ष 2017 में चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक द्वारा मनमाने तरीके से उत्तर प्रदेश के बाहर स्थित मेडिकल कालेज से एमबीबीएस कर प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग में सेवारत चिकित्सा अधिकारियों को नीट पीजी परीक्षा में अर्हता अंक देने से इंकार कर दिया था। इसके अलावा ताजा मामला यह है कि नीट पीजी परीक्षा नियमावली में स्पष्ट उल्लेख होने के बाद भी चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक ने मनमाने तरीके से बची सीटों के लिए काउंसिलिंग ऑल इण्डिया रैंक के आधार पर कराई। जबकि यह सीटे स्टेट कोटे के तहत होती हैं। विरोध प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मांग हैकि उच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार सेकेंड काउंसलिंग के उपरांत शेष बची सीटों पर संवर्ग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए दोबारा काउंसिलिंग कराई जाये। इसके बाद ही माप की कार्रवाई हो।
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