लखनऊ। भारत में स्किन सिरोसिस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। आंकड़ों की बात करें तो देश में लगभग ३३ मिलियन लोग स्किन सिरोसिस की चपेट में हैं। स्किन सिरोसिस से पीडि़त मरीज को शारीरिक समस्या के साथ ही मानसिक ,आर्थिक व सामाजिक समस्याओं से भी जूझना पड़ता है,लेकिन एप्रेमिलास्ट नामक दवा के आ जाने से उक्त समस्याओं से छुटकारा मिलने की उम्मीद बंधी है। यह कहना है ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स के सेल्स एण्ड मार्केटिंग सीनियर वाइस प्रेसिडेंट राजेश कपूर का। वहा मंगलवार को गोमती नगर स्थित निजी होटल में पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि यह दवा बहुत जल्द ही आने जा रही है।
अभी तक यूएएस में एक कम्पनी दवा का निर्माण कर रही थी। जिसके बाद पहली बार उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से इस दवा को बाजार में उतारा जायेगा। उन्होंने बताया कि इस दवा के बाजार में आ जाने के बाद स्किन सिरोसिस के मरीजों को कई प्रकार से लाभ मिलने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने बताया कि इस दवा के सेवन से जहां एक तरफ मरीज के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा,बल्कि आये दिन होने वाली मंहगी जांचों से भी बचाव होगा।
राजेश कपूर के मुताबिक स्किन सिरोसिस के लिए जो दवायें बाजार में मौजूद थी। उनसे किडनी,लीवर पर बुरा असर पड़ता था। एक तरफ मरीज जहां स्किन सिरोसिस का इलाज कराता था,वहीं दूसरी किडनी तथा लीवर की बीमारी से ग्रसित हो जाता था। इसके अलावा दवा के उपयोग से रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी असर पड़ता था,जिससे मरीज टीबी की बीमारी की चपेट में आ जाता था। उन्होंने बताया कि अभी तक चिकित्सकों द्वारा जो स्किन सिरोसिस के लिए दवा चलाई जाती थी। उसमें मरीज को हर महीने अन्य बीमारीयों से बचने के लिए मंहगी जांचे करानी पड़ती थी। लेकिन एप्रेमिलास्ट दवा का कोई भी दुष्प्रभाव नहीं है। यह पूरी तरह से सेफ है।















