लखनऊ । गोमती नगर के डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के एमआरआई मशीन में कैबिनेट मंत्री के गनर की पिस्टल फंसने की घटना का संज्ञान शनिवार को शासन के अलावा चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन लिया। चिकित्सा शिक्षा मंंत्री आशुतोष टंडन ने संस्थान के निदेशक डा. दीपक मालवीय को तलब करके पूरे घटना क्रम की जानकारी ली। संस्थान के निदेशक डा. मालवीय ने वार्ता में मंत्री को एमआरआई की मरम्मत में खर्च की जानकारी दी, पर अभी यह तय नहीं हो पाया है कि मशीन की मरम्मत में खर्च आने वाला 51 लाख रुपये का बिल कौन भरेगा। फिलहाल संस्थान ने एमआरआई मशीन में गनर की पिस्टल फंसने की सूचना पुलिस को दे दी है। एमआरआई मशीन की मरम्मत करने का काम आज से तकनीकी विभाग के इंजीनियरों ने शुरू कर दिया है। मशीन को ठीक होने में लगभग 12 दिन लग जाएंगे।
बताते चले कि शुक्रवार लोहिया संस्थान में दोपहर में कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी की एमआरआई की जांच के दौरान गनर की पिस्टल हाई लेबल मैग्नेटिक रेंज में आने के कारण फंस गयी थी। इसके बाद संस्थान प्रशासन में परेशान हो गया था। संस्थान ने एमआरआई मशीन को ठीक कराने में तकनीकी इंजीनियरों ने मशीन को ठीक करने में लगभग 51 लाख रुपये का खर्च बता दिया था। इस घटना की जानकारी आज संस्थान के निदेशक डा. दीपक मालवीय चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन को जानकारी देने पहुंचे। निदेशक डा. दीपक मालवीय ने बताया कि मंत्री को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देने के बाद मशीन के मरम्मत में आने वाले खर्च की जानकारी भी दे दी गयी है।
उन्होंने बताया कि मशीन की मरम्मत कराने में लगभग 51 लाख रुपये का खर्च आ रहा है। मशीन 12 दिन में ठीक होने का दावा किया गया है। इसके साथ पूरे घटना क्रम की जानकारी पुलिस को भी दे दी गयी है। बताया जाता है कि कि मशीन को ठीक करने के लिए उसमें भरी लगभग ढाई हजार लीटर हीलियम गैस को डिस्चार्ज किया जाएगा। उसके बाद गैस को भरा जाएगा,यह गैस बहुत महंगी आती है। इसको भरने व मशीन को संचालित करने में ही लगभग 50 लाख रुपये का खर्च आएगा।















