न्यूज। मध्य प्रदेश के भोपाल जिले में बीते 10 दिन में जीका विषाणु से दो लोगों की मौत हो गयी। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि राज्य में इस बीमारी से पीड़ित लोगों की संख्या बढकर 109 हो गयी है। जीका के बढ़ते मामलों को लेकर एमपी सरकार काफी गंभीर है आैर जागरूकता अभियान लगातार चला रही है। मृतकों में 18 वर्षीय एक युवक आैर 23 वर्षीय एक महिला शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनमें इस विषाणु की पुष्टि तो हुई लेकिन उन्हें अन्य ”गंभीर”” बीमारियां भी थीं। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि उनकी मौत जीका के चलते ही हुई।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ”हमलोग यह नहीं कह सकते कि उनकी मौत जीका विषाणु के कारण हुई क्योंकि उन्हें आैर भी कई गंभीर बीमारियां थीं। हालांकि उनमें जीका की पुष्टि हुई थी।” अधिकारियों ने बताया कि विषाणु से 109 लोग संक्रमित हैं, इनमें 34 गर्भवती महिलाएं हैं। अधिकारियों ने बताया कि पांच नवंबर को 18 वर्षीय एक युवक की संक्रमण एवं अन्य कारणों से मौत हुई थी। वह डेंगू आैर एनसेफलाइटिस से पीड़ित था, जिसके कारण उसके दिमाग के एक हिस्से में दबाव बढ गया था। इसके अलावा उसमें जीका विषाणु की पुष्टि भी हुई थी।
अधिकारियों ने बताया कि दूसरे मामले में भी 23 वर्षीय महिला की भी संक्रमण से मौत हुई। वह मधुमेह से पीड़ित थी आैर उसमें भी विषाणु की पुष्टि हुई थी। नवंबर के पहले सप्ताह में उसकी मौत हुई। अधिकारियों ने बताया कि दोनों मौत की रिपोर्ट राज्य के भोपाल जिले से मिली। मध्य प्रदेश के सात जिलों में लोगों में जीका विषाणु की पुष्टि हुई है। इनमें 44 मामलों की रिपोर्ट भोपाल से, सिहोर से 20, विदिशा से 29, सागर आैर होशंगाबाद से दो-दो आैर नरसिंहपुर एवं रायसेन से एक-एक मामले की रिपोर्ट मिली।
स्थिति की समीक्षा आैर इस संबंध में उपाय अपनाने में राज्य सरकार की सहायता करने तथा बीमारी से निपटने में जयपुर आैर अहमदाबाद में लागू कार्ययोजना से अवगत कराने के लिये मंगलवार को राज्य के लिये केन्द्रीय टीम भेजी गयी।
भारत में जीका विषाणु की रिपोर्ट सबसे पहले अहमदाबाद में जनवरी 2017 में मिली थी आैर दूसरे मामले की रिपोर्ट उसी साल जुलाई में तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले से मिली थी।
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