लखनऊ। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में आज यहां गोरखपुर में बनने जा रहे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) के सम्बन्ध में केन्द्र व प्रदेश सरकार के बीच सहमति पत्र (एमओयू) हस्ताक्षर किया गया।
केन्द्र सरकार की ओर से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, पीएमएसएसवाई डिवीजन के संयुक्त सचिव सुनील शर्मा तथा प्रदेश सरकार की ओर से चिकित्सा शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ अनीता भटनागर जैन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
एमओयू पर हस्ताक्षर होने पर खुशी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एमओयू होने के बाद अब गोरखपुर में एम्स की स्थापना तेजी से हो सकेगी और इस क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए अन्य जनपदों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में वर्तमान में एकमात्र बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज ही उपलब्ध है, जिस पर आसपास जनपदों के मरीजों के आने से इलाज का दबाव बना रहता है। इसके कारण दिमागी बुखार व अन्य गम्भीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को लखनऊ, दिल्ली इत्यादि जगहों पर जाना पड़ता है।
ऐसे में अब गोरखपुर में एम्स की स्थापना से पूर्वांचल एवं उसके आसपास के जनपदों तथा अन्य राज्यों के मरीजों को राहत मिलेगी और उन्हें इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।