लखनऊ। गोमती नगर के डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के न्यूरो सर्जरी विभाग के डाक्टरों ने मिर्गी के गंभीर मरीज का जटिल सर्जरी करके बीमारी से निजात दिला दी। विशेषज्ञ डाक्टरों ने ब्रोनमैपिंग तकनीक से की गयी जटिल सर्जरी करने में कामयाबी हासिल की। सर्जरी के बाद महिला भी होश में आने के बाद ठीक है।
हरदोई निवासी 60 वर्षीय वसुधा पिछले कई महीनों से मिर्गी की गंभीर मरीज बन गयी थी। परिजनों ने मरीज को कानपुर के बड़े डाक्टरों को दिखाया था । वहंा पर एमआरआई करने के बाद उसको काफी दवाएं भी दी गयी थी। इसके बाद भी वह ठीक नही हो रही थी। इलाज के बाद भी मरीज को लगातार एक घंटे में तीस से ज्यादा झटके आ रहे थे। इसके कारण मरीज की हालत तेजी से बिगड़ती जा रही थी आैर परिजन बेहद परेशान हो गये थे। परिजनों ने लोहिया संस्थान के न्यूरोलॉजी सर्जरी विभाग में डा. राकेश कुमार सिंह को दिखाया। डा. सिंह ने जांच में एमआरआई का अध्ययन करते हुए देखा कि महिला के राइट साइड में एक मांस का टुकड़ा नजर आ रहा था।
इसके बाद डाक्टरों ने ईईजी कराने का निर्णय लिया। डा. राकेश ने बताया कि मरीज का ब्रोन मैपिंग कराया गया। वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डा दीपक कुमार ने बताया कि सिर में राइट साइड में गांठ होती है तो बाएं तरफ क्षेत्र में झटके की समस्या आ जाती है। उन्होंने बताया कि मरीज के सिर में तीन सेंटीमीटर का छेद करके सर्जरी सफलता पूर्वक की गयी। सर्जरी के बाद मरीज को सिर्फ एक झटका आया है। सर्जरी के लगभग सात दिन बीत चुके है। मरीज भी पूरी तरह से स्वस्थ्य है। डा. दीपक ने बताया कि सर्जरी के बाद मरीज की दवाएं भी कम हो गयी है। उन्होंने बताया कि लगभग तीस प्रतिशत में ही मरीजों में आपरेशन की आवश्यकता पड़ती है। शेष दवाओं से ठीक हो जाते है। इस सर्जरी में संस्थान में लगभग पचास हजार रुपये का खर्च आया है।















