लखनऊ। किडनी चोरी प्रकरण में आरोप लगाये गये डा. संदीप तिवारी ने आज आई एमए की पत्रकार वार्ता में चुप्पी तोड़ी आैर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वर्ष 2015 में 19 फरवरी को पृथ्वीराज नाम का मरीज बेहद गंभीर हालत में शाम को 7.30 पर आया था। बुरी तरह घायल होने पर उसका प्राथमिक इलाज करके स्टेबल किया गया। जांच कराने पर उसके पेट के आस-पास गंदा पानी भरा हुअा था।
पैक्रियाज के नीचे ड्यूडनम भी फट गयी थी आंत का बड़ा हिस्सा भी फटा कर अलग हो गया था। छोटी आंत की मरम्मत करके उसमें ट¬ूब डाली गयी आैर फिर ड¬ूडनम की भी मरम्मत की गयी। आम तौर पर इस गंभीर हालत में मरीजों की मौत हो जाती है लेकिन जूनियर व रेजीडेंट डाक्टरों ने बेहद सर्तकता बरतते हुए जटिल सर्जरी की।
सर्जरी के बाद वह 27-28 दिन वह भर्ती रहा। खास बात यह थी कि रात में 3.30 तक आपरेशन चला। इस दौरान अगर किडनी निकाली जाती तो उसे ले जाया कैसे जाता। उनके साथ आरोपी डाक्टर आनंद मिश्र ने बताया कि सबसे खास बात यह थी कि पेट गंदा पानी भरने के कारण किडनी संक्रमित हो गयी थी वह किसी को लगायी ही नहीं जा सकती थी।















