लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रामा सेंटर के आर्थोपैडिक विभाग में फ्रेक्चर मरीज के तीमारदार ने पैर में पट्टी व फट्टी बांधने के नाम मनमाना शुल्क लेने पर हंगामा मचा दिया। तीमारदारों का आरोप था कि पट्टी व फट्टीं बांधने के लिए मनमाना शुल्क न देने पर इंतजार कराया जाता है, लेकिन कर्मचारियों व सुरक्षा गार्डो ने मरीज के हंगामे को दबा दिया गया। वहां पर मौजूद तीमारदारों का कहना है कि अगर काम ठीक से आैर जल्दी कराना है तो मनमाना शुल्क देना पड़ता है।
बताया जाता है कि बाराबंकी निवासी प्रेम को एक पैर दुर्घटना में एक पैर में फ्रेक्चर हो गया था। उसे अभी आपरेशन की तारीख नहीं मिली है। इस कारण उसे पैर में ड्रेसिग कराने के लिए आना पड़ता है। उसका मानना है कि अगर जेब में रुपये है तो मरहम पट्टी के लिए इंतजार नहीं करना पड़ता है अगर नहीं है तो सुबह से शाम हो जाती है कोई न कोई बहाना बता कर टाल दिया जाता है। जल्दी पट्टी बंधवानी है तो तीन सौ रुपये तत्काल दिये जाते है। आज देर होने व परेशान होने पर मरीजों के तीमारदारों ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया। इस हंगामे को अन्य परेशान तीमारदारों ने भी समर्थन दे दिया। अचानक इस हंगामे को रोकने के लिए कर्मचारियों व सुरक्षागार्ड ने किसी तरह शांत करा दिया। केजीएमयू प्रवक्ता डा. नरसिंह वर्मा का कहना है कि अगर कोई मनमाना शुल्क लेता है तो गलत है। इस पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ कर्मचारियों को चिह्नित किया गया है। कार्रवाई की जा रही है।















