लखनऊ। लोहिया इंस्टीटयूट में बुधवार को चौथा सफल किडनी प्रत्यारोपण किया गया। एक बार फिर मां की ममता ने बेटे को मौत के मुंह से निकाल लिया। दोनों किडनी फेल होने से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे नौजवान बेटे को पीडि़त मां ने अपनी बायीं किडनी देकर दोबारा जिंदगी दी। पीडि़त संस्थान में वार्ड ब्वॉय के पद पर संविदा कर्मी है और कई महीनों से गंभीर बीमारी से जूझ रहा था।
पीडि़त महीनों से बीमारी से जूझ रहा था, दोनों किडनी हो चुकी थी :
संस्थान में कार्यरत 26 वर्षीय वार्ड ब्वॉय सुधीर की दोनो किडनी बीमारी की वजह से फेल हो चुकी थी। कई महीनों से संस्थान में पीडि़त का इलाज चल रहा था लेकिन कोई लाभ नहीं हो रहा था। जिसकारण डॉक्टरों ने पीडि़त के परिजनों से किडनी प्रत्यारोपण की सलाह दी। इसके तहत परिजनों ने मरीज के किडनी प्रत्यारोपण की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। लेकिन पीडि़त के परिवार में आर्थिक तंगी का अडंगा बीच आ रहा था।
फेल चिकित्सकों के प्रयास से पीडि़त को मिल सकी आर्थिक मदद :
जिसकी वजह से परिजनों ने पीडि़त के किडनी प्रत्यारोपण से पीछे कदम खींच लिये थे,जब इसकी जानकारी अस्पताल के चिकित्सकों को हुई उन्होंने अपने प्रयास से पीडि़त को आर्थिक मदद दिलाने में सहयोग किया। जिसके तहत पीडि़त सुधीर को मु यमंत्री विवेकाधीन कोष से करीब तीन लाख रूपये की धनराशि की मदद संभव हो सकी। इसके बाद पीडि़त की मां शारदा देवी ने परिवार के अन्य सदस्यों को पीछे छोड़ अपने बेटे को किडनी देने को तैयार हुई और पीडि़त का किडनी प्रत्यारोपण संभव हो सका। मां ने अपनी बायीं किडनी देकर बेटे को नया जीवनदान दिया। दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुई प्रत्यारोपण की प्रक्रिया देर शाम करीब सात बजे पूरी हुई। इसके बाद डोनर व मरीज को केटीयू वार्ड में शिफ्ïट किया गया है।