लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के क्वीन मेरी अस्पताल में रविवार को महिला मरीज की मौत पर तीमारदारों ने जमकर हंगामा काटा। इस दौरान परिजनों की जूनियर व रेजीडेंट डाक्टर से तीखी नोंक झोंक व हाथापाई भी हो गयी। हंगामा कर रहे तीमारदारों का आरोप था गर्भ में मृत शिशु की समय डिलीवरी न कराने पर मंिहला मरीज के शरीर में जहर फैल गया आैर उसकी मौत हो गयी। घटना पर चिकित्सा अधीक्षक डा. एस पी जायवार का कहना है कि कोई लापरवाही नहीं बरती गयी थी। उसे पहले से पीलिया हो गया था।
फिर भी दवा देकर रविवार को मृत शिशु को डिलीवरी कराकर बाहर निकाल दिया गया। डिलीवरी के बाद ब्लडिंग ज्यादा होने लगी आैर कार्डियक अरेस्ट होने से मौत हो गयी। हरदोई के निजी अस्पताल में पझी देवी की प्रसव पीड़ा होने पर डाक्टरों ने अल्ट्रासाउंड के बाद गर्भस्थ शिशु को मृत बताया था। इसके बाद हालत गंभीर होने पर क्वीन मेरी अस्पताल रेफर कर दिया था। क्वीन मेरी अस्पताल 10 मई को रात डेढ़ बजे के आस-पास मरीज को लेकर परिजन पहुंचे। यहां पर मरीज को लेबररूम के पास भर्ती कर लिया गया।
परिजनों का आरोप था कि जब महिला पझी देवी को भर्ती कराया गया था कि तब उसकी हालत ठीक थी। उसके बाद तैनात डाक्टरों ने मरीज से मिलने नहीं दिया गया। आज सुबह अचानक बताया कि उसकी हालत बहुत नाजुक है आैर फिर मौत की सूचना देकर शव थमा दिया गया। परिजनों का आरोप है कि गर्भ में शिशु की मौत के बाद मरीज के शरीर में जहर फैलने लगा था। इसके बाद भी उसका इलाज समय पर नहीं किया गया, जिस डाक्टर से कहा गया उसने ही झिड़क दिया। आज मौत की सूचना के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा मचा दिया। आक्रोशित परिजन लेबर रूम के पास हंगामा मचा रहे थे तो उन्हें वहां से जाने के लिए कहा गया। इस पर उनकी जूनियर व रेजिडेंट डाक्टर से तीखी नोंक झोंक हो गयी। सुरक्षा गार्ड की मदद से उन्हें बाहर निकाल दिया गया।















