लखनऊ । राजधानी के विश्वविद्यालय में बुधवार को मुख्यमंत्री कर्मचारी सांस्कृतिक एवु क्रीडा परिषद हिन्दवी स्वराज्य दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शिरकत करने जा रहे थे तभी लखनऊ विश्वविद्यालय के गेट उनकी फ्लीट पहुंची ही थी कि तभी कुछ छात्रों के झुंड ने काले झंडे दिखाने के साथ मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात जवानों और पुलिसकर्मियों से झड़प भी हुयी। कई छात्र-छात्राओं की पिटायी भी हुयी और भगदड़ के दौरान कई छात्रों को गिरफ्तार भी किया गया।
कार्यक्रम में शिरकत करने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विश्वविद्यालय के गेट पर कुछ छात्रों के झुंड ने काले झंडे दिखाये तो मुख्यमंत्री के सुरक्षा दस्ते ने इसका विरोध स्वरूप छात्रों से झड़प भी हुयी। कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन मेे काले झंडे दिखये जाने का जिक्र करते हुए कहा कि समारोह का नाम हिन्दवी स्वराज्य दिवस क्यों रखा गया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वॉमपंथ ने सदैव देश के इतिहास को बदलने का प्रयास किया है। देश की पहचान एक हिन्दू समाज की पहचान है और हर भारतीय को इसके लिए संकोच नहीं करना चाहिए।
भारतीय संस्कृति की रक्षा करना हमारा धर्म है। सत्यम शिवम सुंदरम की भावना से हिन्दू रहता है और सत्य से सनातन धर्म का पालन करता है और उसके लिए हम स्वयं को गौरावांतित महसूस करते है। उन्होंने उदाहरण दिया कि जब एक मुस्लिम राष्ट्र इतना हिन्दुवादी हो सकता है तब ये काले झंडे दिखाने वाले क्या समझते है। ये वहीं लोग है जो अंग्रेजों के पिट्ठू थे और इन्ही लोगों ने चीन का भी साथ दिया था। लखनऊ विश्वविद्यालय को ऐसी ताकतों से लड़ना होगा।

मुख्यमंत्री को काला झंडा दिखाने पर हुई गिरफ्तारी जिस में मुख्य रुप से अंकित सिंह बाबू अनिल यादव मास्टर सतवंत सिंह महेंद्र यादव माधुरी सिंह विनीत कुशवाहा राकेश समाजवादी अशोक कुमार प्रभात हुए गिरफ्तार उन्हें थाना हसनगंज लाया गया .




