लखनऊ। गोरखपुर के बीआरडी कॉलेज में मासूम बच्चों की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि बुधवार को लोहिया अस्पताल के गेट के बाहर एक नवजात का शव पड़ा मिला। दोपहर करीब एक बजे अस्पताल कर्मचारियों ने नवजात का शव पड़ा देख अस्पताल प्रशासन को इसकी जानकारी दी। निदेशक डीएस नेगी का कहना है कि शिशु उनके अस्पताल का नहीं है बाहर से लाकर यहां फेंका गया है।
मानवीय संवेदना का एक ऐसा चेहरा राजधानी में देखा गया जिससे हर कोई दांतों तले उंगली दबा कर रह गया। मामला गोमतीनगर स्थित लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान का है। जहां बुधवार दोपहर को इमरजेंसी गेट के ठीक सामने एक नवजात का शव पड़ा मिला। सफेद कपड़े में लिपटे नवजात के शिशु को देख कर अस्पताल कर्मचारी सकते में आ गए। वहां मौजूद लोगों की भीड़ भी शव देख दंग रह गई। इसकी सूचना अस्पताल प्रशासन को हुई तो वहां हड़क प मच गया। आनन-फानन में सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल और लोगों से पूछताछ के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस का कहना है कि नवजात करीब पांच सप्ताह का है। हालांकि इसकी जानकारी नहीं हो सकी है कि शव को यहां कौन छोड़ गया। जांच की जा रही है। उधर लोहिया अस्पताल के निदेशक डी एस नेगी का कहना है कि उन्होंने बीते तीन दिनों में अस्पताल में होने वाली डिलवरी की जांच कराई है। लेकिन नवजात की कोई भी डिलवरी नहीं होने की बात सामने आयी है। आशंका है कि नवजात का शव बाहर से लाकर कोई यहां पर छोड़ गया है।
पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का रहस्य
जांच में पता चला है कि नवजात लड़का था। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही साफ हो सकेगा कि नवजात की मौत किन कारणों से हुई है।
इतनी भीड़ भाड़ फिर भी किसी ने नहीं देखा
लोहिया अस्पताल में दिनभर भीड़ भाड़ होती है। गेट पर गार्डों का पहरा भी होता है। लोगों का आना-जाना लगातार लगा रहता है। बावजूद इसके कोई यहां आया और गेट के बाहर नवजात के शव को रखकर चला और किसी ने देखा तक नहीं
गार्डों से की जा रही पूछताछ
इस मामले में अस्पताल में तैनात गार्डों की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। लोहिया अस्पताल के हर गेट पर गार्डों का पहरा रहता है। लेकिन फिर भी नवजात के शव को रखते हुए गार्डों ने नहीं देखा। यही वजह है कि गार्डों से पूछताछ की जा रही है कि ड्यूटी के वक्त वो कहां थे।
खंगाले जाएंगे सीसीटीवी फुटेज
पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है। वह जल्द ही अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालेगी। इसके अलावा आसपास लगे सभी कैमरों की फुटेज भी देखी जाऐगी। उ मीद जताई जा रही है कि हो सकता हो तीसरी आंख में कोई नवजात को लाते दिख जाए।















