लखनऊ। गोमती नगर स्थित डा. राम मनोहर लोहिया आर्युविज्ञान संस्थान में प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डाक्टरों पर गाज जल्द ही गिर सकती है। अगर सूत्रों का यकीन किया जाए प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डाक्टरों की लिस्ट बन चुकी है आैर उनकी छानबीन की जा रही है।
अगर सूत्रों का यकीन माने तो लोहिया संस्थान के जाने माने डाक्टर लगातार प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे है। कुछ डाक्टर निजी अस्पतालों में सर्जरी करने के लिए जाते है तो एनेस्थिसिया के डाक्टर की भी इसमें भागेदारी रहती है। कुछ डाक्टर तो बाकायदा अपना क्लीनिक चलाते है आैर मरीजों को इलाज के लिए संस्थान में भर्ती कर लेते है। कुछ डाक्टर तो संस्थान में वेटिग बताकर बाहर मरीजों को भर्ती करा कर इलाज भी करते है। डाक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस की शिकायत कई बार संस्थान प्रशासन से की जा चुकी है लेकिन इन शिकायतों को नजर अंदाज कर दिया जाता है। बताया जाता है कि प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डाक्टरों का वर्चस्व इतना ज्यादा है कि वह लोग प्रशासन पर हावी रहते है।
संस्थान के सूत्रों पर यकीन करे तो प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डाक्टरों की शिकायत कुछ संस्थान के लोगों ने ही किया है। उनका मानना है कि कुछ डाक्टरों ने ही माहौल को खराब कर दिया है। ऐसे में मरीजों की सेवा करने वाले डाक्टर भी इन आरोपों का ग्रसित है। हालांकि अभी तक कार्रवाई के बारे में किसी भी स्तर पर पुष्टि भी नहीं हो सकी है, लेकिन सूत्रों का यकीन माने तो प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डाक्टरों की छानबीन शुरु हो चुकी है।