लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान ने रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी के क्षेत्र में मात्र सात माह की अवधि में 207 रोबोटिक सर्जरी सफलतापूर्वक पूर्ण कर एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। यह उपलब्धि संस्थान की अत्याधुनिक तकनीक अपनाने और रोगी-केंद्रित नवाचार को चिकित्सा सेवा के अग्रभाग में लाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
संस्थान में की गयी कुल 207 रोबोटिक सर्जरी में शामिल हैं। इनमें यूरोलॉजी एवं रीनल ट्रांसप्लांट विभाग में 188 केस,ऑन्कोसर्जरी विभाग सात केस,गैस्ट्रोसर्जरी विभाग में 12 केस है। प्रो. डॉ. ईश्वर राम धायल के नेतृत्व में, साथ ही प्रो. डॉ. आलोक श्रीवास्तव और प्रो. डॉ. संजीत सिंह के सहयोग से, विभाग ने न केवल अपनी विभिन्न शाखाओं में कार्य के नए आयाम स्थापित किए हैं।
विभाग ने हाल ही में 250 रीनल ट्रांसप्लांट पूर्ण कर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है, जो रीनल केयर और सर्जिकल प्रिसीजन में नई दिशा प्रदान करती है।
संस्थान के निदेशक डॉ. सी. एम. सिंह ने कहा कि इतने कम समय में यह उपलब्धि हमारे शिक्षकों और सर्जनों की उन्नत सर्जिकल तकनीकों को अपनाने और उसमें निपुणता प्राप्त करने की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
रोबोटिक सर्जरी ने न केवल शल्य चिकित्सा की सटीकता को बढ़ाया है, बल्कि रोगियों के परिणामों में भी उल्लेखनीय सुधार किया है। प्रो. डॉ. ईश्वर राम धायल, विभागाध्यक्ष, यूरोलॉजी एवं रीनल ट्रांसप्लांट विभाग ने कहा कि हमारी टीम के सतत प्रयास और नवाचार के प्रति समर्पण ने रोबोटिक सर्जरी और रीनल ट्रांसप्लांटेशन में उल्लेखनीय सफलता दिलायी है। 188 रोबोटिक सर्जरी और 250 रीनल ट्रांसप्लांट पूर्ण करना रोगी कल्याण और क्लिनिकल उत्कृष्टता के प्रति हमारी निष्ठा का प्रमाण है।















