लखनऊ। गोमती नगर के डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में शुक्रवार को छठा किड्नी प्रत्यारोपण सफलता पूर्वक कर दिया। इस प्रत्यारोपण में पत्नी ने जीवन दांव पर लगाकर अपने सुहाग को बचाने के लिए अपनी किड्नी दान दे में दी। बाराबंकी निवासी यह मरीज पेशे से शिक्षक है आैर किडनी का लम्बे समय से इलाज कि या जा रहा था, लेकिन हालत बिगड़ने पर किडनी प्रत्यारोपण करने का परामर्श संस्थान के डाक्टरों ने दिया था। संस्थान के विशेषज्ञ डाक्टरों के अनुसार बाराबंकी निवासी यह मरीज गत छह माह से किडनी की बीमारी पीड़ित होकर लगातार डायलिसिस पर चल रहा था।
जानकारी के अनुसार बाराबंकी निवासी संतोष कुमार पेशे से शिक्षक हैं। चालीस वर्षीय संतोष यहां अपने दो बच्चों व पत्नी के साथ फैजाबाद रोड स्थित एक काम्प्लेक्स में रहते हैं। करीब छह माह पूर्व उन्हें दिक्कत होने पर किडनी की जांच करायी तो दोनों किड्नी खराब होने की जानकारी मिली। सकते में रहने से वह लगातार बीमार रहने लगे। दोनो किडनी खराब होने के कारण उनकी डायलिसिस भी की जा रही थी। लम्बे समय तक डायलिसिस के बाद वह निराश होने के बाद वह लोहिया संस्थान पहुंचे। यहां पर विशेषज्ञ डाक्टरों ने जांच के बाद किड्नी प्रत्यारोपण की सलाह दी आैर परिवारीजनों की जांच करा कर किडनी मैच करवाई। जांच में पत्नी नीतू सिंह की किड्नी प्रत्यारोपण के सटीक मिली।
इसके बाद विशेषज्ञ डाक्टरों ने शुक्रवार को प्रत्यारोपण किया। कई घंटे चला प्रत्यारोपण सफल रहा। प्रत्यारोपण टीम में नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. अभिलाष चंद्रा, यूरोलॉजिस्ट डा. ईश्वर राम दयाल, एनेस्थसिया डा. पीके दास सहित डॉ. प्रतीक व संजीत सहित अन्य लोग शामिल थे।















