लोहिया अस्पताल से नहीं हटाये जा रहे अधिक चीफ फार्मासिस्ट  

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Photo Source: http://www.clipartkid.com

लखनऊ: लोहिया अस्पताल में अधिक संख्या में तैनात किये गये चीफ फार्मासिस्टों को हटाया नहीं जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग से बिना स्वीकृत पदों के तैनात किये गये इन चीफ फार्मासिस्टों को करीब चार माह से वेतन भी नहीं मिल रहा है। फिर भी स्वास्थ्य विभाग और शासन के अधिकारी उन्हें दूसरे अस्पतालों में रिक्त पड़े पदों पर तैनाती नहीं दे रहे हैं। लोहिया अस्पताल में अधिक संख्या में तैनात यह चीफ फार्मासिस्ट सिर्फ जुगाड़ लगाकर वहां रुकने के प्रयास में लगे हैं।

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मुख्यमंत्री से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक से गुहार लगा चुके हैं फार्मासिस्ट –

इस बात को लेकर अस्पताल में कार्यरत फार्मासिस्टों ने ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव मौर्या, स्वास्थ्य मंत्री समेत प्रमुख सचिवत आदि से शिकायत की है। मांग की है कि अधिक संख्या में बिना स्वीकृत पदों पर तैनात किये गये चीफ फार्मासिस्टों को दूसरे अस्पताल भेजा जाये।

बिना स्वीकृति के बनाये पद –

लोहिया अस्पताल के फार्मासिस्टों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के निदेशक पैरामेडिकल डॉ. जीके कुरील ने बिना शासनादेश और राज्यपाल की मंजूरी के बिना ही चीफ फार्मासिस्टों के पद स्वीकृत कर उन्हें अस्पताल में तैनाती दे दी। इस बात की शिकायत फार्मासिस्टों ने शासन तक की, जिसके बाद सभी स्तर से जांच शुरू हुई। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रशासन की जांच में निदेशक पैरामेडिकल को दोषी माना गया। तैनाती नियम विरुद्ध बताई गईं। पर, आरोपी अधिकारी ने मामले में शासन के प्रमुख सचिव तक से सांठगांठ कर ली। यही नहीं अब आरोपी अधिकारी रिटायर होने वाले हैं और सेवा विस्तार की जुगत लगा रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने की थी बैठक –

चुनाव आचार संहिता के बीच ही लोहिया अस्पताल में फार्मासिस्टों की तैनाती का खेल में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शिवाकांत ओझा भी कूद पड़े थे। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक उन्होंने मार्च के प्रथम सप्ताह में बैठक कर आला अधिकारियों को निर्देश दिया था कि फार्मासिस्टों का वेतन दिया जाये। लोहिया के फार्मासिस्टों का आरोप है कि इस मामले में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरुण सिन्हा और स्वास्थ्य विभाग के डीजी डॉ. पदमाकर सिंह भी जांच रिपोर्टों के बाद भी आरोपी निदेशक पैरामेडिकल को बचाने में जुटे हैं।

यह है तैनाती का नियम –

लोहिया अस्पताल में करीब 450 बेड हैं। इस अस्पताल में शासन के मुताबिक तीन चीफ  फार्मासिस्ट व 20 फार्मासिस्ट के पद हैं। शासन के आदेशानुसार 100 बेड के सापेक्ष दो चीफ  फार्मासिस्ट व आठ फार्मासिस्टों को तैनाती देनी चाहिये। इस समय लोहिया अस्पताल में 12 चीफ  फार्मासिस्ट व 20 फार्मासिस्ट को तैनात कर रखा गया है, जबकि नौ चीफ फार्मासिस्ट अधिक हैं। अस्पताल के निदेशक डॉ. देवेंद्र सिंह नेगी भी इन तैनाती को गलत मानते हैं। उनका कहना है कि स्वीकृत पदों के ही फार्मासिस्टों को वेतन दिया जा रहा है।

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