लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगा है। परिजनों का आरोप है कि सोमवार दोपहर इलाज न मिलने से छात्रा की मौत स्ट्रेचर पर हो गई। नाराज परिजनों ने रेजीडेंट डॉक्टरों पर लापरवाही आरोप लगाते जमकर हंगामा किया। तीमारदारों ने मामले की शिकायत केजीएमयू प्रशासन से की है। उनका आरोप है कि यदि डॉक्टर मरीज का इलाज शुरू करते, तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
ठाकुरगंज निवासी सुनीता की पुत्री वर्षा (17) इंटर की छात्रा थी। उसके बुखार-पेट दर्द होने पर परिजन मेडिसिन विभाग की ओपीडी में करीब पंद्रह दिन पहले इलाज कराने लाए थे। सोमवार सुबह करीब 11 बजे फिर हालत बिगड़ने पर मां सुनीता उसे लेकर मेडिसिन की ओपीडी में ले गई। वहां पर डॉक्टर ने हालत गंभीर बताते हुए उसे ट्रॉमा मेडिसिन विभाग में भर्ती कराने के निर्देश दिया। तीमारदार मरीज को लेकर ट्रॉमा की कैजुल्टी ले गए। वहां से डॉक्टरों ने मेडिसिन विभाग रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि विभाग में तीन घंटे तक छात्रा स्ट्रेचर पर पड़ी तड़पती रही।
मगर रेजीडेंट डॉक्टर कई बार कहन के बाद भी नहीं आये। इलाज नहीं मिलने पर करीब दो बजे छात्रा ने स्ट्रेचर पर दम तोड़ दिया। नाराज परिजन इसे लेकर हंगामा करने लगे। सूचना पर आई पुलिस ने तीमारदारों को शांत कराया। मामले की जानकारी कैजुल्टी के डॉक्टर मरीज को दोबारा अंदर ले गए आैर मृत घोषित कर दिया। मां सुनीता ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत केजीएमयू प्रशासन ने करने की बात कही है।
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