लखनऊ । लाखों रुपये की सर्वर व उपकरण खरीद में गडबड़ी के आरोप के बाद अब किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में आई टी सेल सरकारी तकनीकी संस्था को सौप दिया गया है। चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन का आई टी सेल लगातार गड़बड़ा कर रहे ऑनलाइन सिस्टम ( सर्वर) को सम्हाल नहीं पा रहा था। आई टी सेल संचालन पर यहां के डाक्टर लाखों रुपये खर्च करने के बाद अभी तक नही चला पा रहे थे। नये सिस्टम को लागू होने तक दो दिन आैर मरीजों व तीमारदारों आैर परेशान रहेंगे।
पिछले तीन वर्षो से डाक्टरों मरीजों के आपरेशन करने की बजाय आई टी सेल का संचालन कर रहे थे। यह डाक्टर आईटी की तकनीकी जानकारी नही होने के बाद भी किराये की टीम के साथ संचालन कर रहे थे। यह लोग लगातार निजी कम्पनियों की मदद से सर्वर को लगाने व खरीद में जुटे थे। इसके बाद भी ओपीडी से लेकर ट्रामा सेंटर तक में सर्वर नही चल पा रहे थे। पिछले वर्ष से ही सर्वर आये दिन खराब होने लगा था। लाखों रुपये खर्च करने के बाद सर्वर नहीं चलने पर क्लाउड सर्वर लेने का विचार किया जा रहा था, लेकिन इस प्रस्ताव को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका।
लगातार हो रही गड़बड़ी होने के कारण कु लपति प्रो. एमएल बी भट्ट ने डाक्टरों से आई टी सेल का कार्यभार छीनने के बाद अब सरकारी क्षेत्र की तकनीकी संस्था को दिया जा रहा है। केजीएमयू प्रवक्ता डा. नरसिंह वर्मा का कहना है कि कुलपति डा. भट्ट ने लगातार गड़बड़ी से मरीजों को हो रही दिक्कतों को देखते हुए सरकारी तकनीकी संस्था को आई सेल संचालन का काम दे दिया गया है। यह संस्था दो दिन से डाटा लोड कर रही है। इस कारण दिक्कत आ रही है। आगामी दो दिन तक दिक्कत आने की आशंका है। उनको लगभग लगभग दस लाख रुपये महीने का खर्च आएंगा। अभी डाक्टर द्वारा संचालित आई सेल में भी लगभग इतना ही खर्च आ रहा था।















