कुडंली नहीं शादी से पहले यह मिलाये…

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लखनऊ। शादी से पहले कुडंली से ज्यादा अगर फिजिकल पैरामीटर की जांच कराते है तो डायबिटीज सहित कई बीमारियों से कपल्स बच सकते है। यह जानकारी किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के डा. नरसिंह वर्मा ने रिसर्च सोसायटी फॉर स्टडी ऑफ डायबटीज यूपी चैप्टर का सातवी दो दिवसीय काफ्रेंस शनिवार को गोमती नगर के इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में दी। काफ्रेंस में डायबिटीज विशेषज्ञ डा. अनुज माहेश्वरी व डा. समीर ने बचाव व नयी दवाओं की जानकारी दी।

डा. वर्मा ने कहा कि डायबिटीज की रोकथाम के लिए वर्ष 1920 से इन्सुलिन का इस्तेमाल किया जा रहा है। मौजूदा समय में डायबिटीज के इलाज में काफी दवायें इस्तेमाल की जा रही ह। उसके बाद भी डायबिटीज लगातार बढ़ता ही जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि डायबिटीज को जड़ से समाप्त करना है,तो उसके लिए आवश्यक है कि विवाह से पहले ही लड़का, लड़की की फिजिकल पैरामीटर की जांच होनी चाहिए। जांच के दौरान सिर्फ खून की जांच ही नहीं बल्कि फिजिकल पैरामीटर के आधार पर जांच होनी चाहिए। फिजिकल पैरामीटर की जांच के बाद समय से पूर्व पता चल जाता है कि डायबिटीज के कारण तो नहीं बन रहे है। ऐसे में दैनिक दिन चर्या व अन्य परामर्श से डायबिटीज, मोटापा, ब्लड प्रेशर, लिवर व अन्य बीमारियों की आशंका को दूर किया जा सकता है।

मेडिशनल प्लांट से दवा की बढ़ रही है :डॉ.अनुज

इन्होंने बताया कि यह बीमारी तेजी से जनसंख्या के एक बड़े हिस्से को चपेट में लेता जा रहा है। लगातार डायबिटीज रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसका मुख्य कारण हमारी अनियमित जीवन शैली है। उन्होंने मौजूदा समय में मेथी तथा चियाशीट बीज से बनी दवाएं के बारे में कहा कि इनसे बनी दवाएं डायबिटीज कंट्रोल में काफी कारगर है। इतना ही नहीं इन दवाओं के माध्यम से कार्डियक के साथ सेक्सुअल डिसआर्डर की बीमारियों में फायदा देखा जा रहा है। साथ ही मोटापे की समस्या में चियाशीट से बनी दवा काफी लाभप्रद साबित हुो रही है।

फैटी लिवर है तो हो सकता है डायबिटीज :डा.एएम.रिजवी

बलरामपुर अस्पताल के वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डा.एएम.रिजवी ने बताया कि बेहतर और स्वादिष्ट खाने के चक्कर में हम सब फास्ट फूड व अन्य वसायुक्त खाना नियमित सेवन कर रहे है। इससे पाचनतंत्र गड़बड़ हो रहा है। उन्होंने बताया कि ग्लूकोज ज्यादा होने पर फैटी एसिड में बदल जाता है आैर वह लिवर, किडनी व अन्य अंगों पर एकत्र होने लगता है। इससे डायबिटीज की आशंका ज्यादा हो जाती है। उन्होंने बताया कि कुल डायबिटिक रोगियों में 40 फीसदी में डायबिटिज का कारण फैटी लिवर होता है।


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