लखनऊ। बाराबंकी कितनी चोरी प्रकरण में किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के डॉक्टरों ने बेदाग होने के बाद अब पलटवार करने की तैयारी शुरू कर दी है। केजीएमयू प्रशासन ने अपने लीगल सेल से इसकी तैयारी करने के लिए कह दिया है। माना जाता है कि अब बाराबंकी के के मरीज जिसने किडनी चोरी का आरोप लगाया था और डॉक्टर के खिलाफ गंभीर धाराओं में बिना जांच के मुकदमा दर्ज किया गया था। अब उस पर ही मुकदमा दर्ज किया जाने की तैयारी चल रही है। बताते चलें की बाराबंकी का यह मरीज़ पृथ्वीराज अभी भी शासन की जांच कमेटी की रिपोर्ट को नहीं मानने को तैयार है उल्टे डॉक्टरों पर ही आरोप अभी भी लगा रहा है।
जबकि जांच रिपोर्ट में उच्चस्तरीय छानबीन के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि उसके किडनी चोट लगने के कारण सिकुड़ गई थी और इमरजेंसी सर्जरी के दौरान नहीं निकाली गई थी। हालांकि अभी तक केजीएमयू ने स्पष्ट रूप से कोई कानूनी कार्रवाई करने की घोषणा नहीं की है लेकिन बताया जाता है की लीगल सेल को कुलसचिव ने तैयारी करने के निर्देश दे दिए हैं। सभी इस पर प्रत्येक पहलुओं पर विचार विमर्श के बाद आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। बताते चलें डॉक्टरों के बेदाग साबित होने के बाद केजीएमयू के सभी डॉक्टर ही इस पर कार्रवाई की मांग करने लगे हैं उनका कहना है यह केजीएमयू की प्रतिष्ठा के साथ खेला गया है और जानबूझकर यहां के डॉक्टरों पर आरोप लगाकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
इस बारे में कल पत्रकार वार्ता के दौरान डॉक्टर संदीप तिवारी और डॉक्टर आनंद मिश्रा मैं स्पष्ट कर दिया था की वह लोग केजीएमयू के निर्देशानुसार ही आगे की कोई कार्रवाई करेंगे अगर केजीएमयू प्रशासन आगे की कानूनी कार्रवाई करने का निर्णय लेता है तो हम सब जुड़े रहेंगे और प्रतिष्ठा के लिए कहीं भी जा सकते हैं। डॉक्टर का कहना है यह घटना किसी की साजिश भी हो सकती है इसके अन्य पहलुओं पर भी जांच करानी चाहिए।















