लखनऊ । किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रॉमा सेंटर में सीटी स्कैन मशीन बिगड़ गयी है। इस कारण हेड इंजरी के गंभीर मरीजों को जांच कराने में दिक्कत हो रही है। तीमारदार मरीजों को शताब्दी भवन व रेडियोलॉजी विभाग तक जांच के लिए ले जाने में परेशान हो रहे हैं। मरीज व तीमारदार बेहाल हो रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि मशीन के उपकरण जर्मनी से आएंगे। उपकरण आने में कुछ दिन का वक्त लग सकता है।
इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर में प्रतिदिन लगभग 200 से अधिक मरीजों के सीटी स्कैन होते हैं। सबसे ज्यादा हेड इंजरी के मरीजों को जांच की आवश्यकता पड़ती है।
बताते चलें कि बीते दिनों सीटी स्कैन मशीन खराब हो गयी है। ट्रॉमा सेंटर के प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय इंजीनियरों को मशीन खराब होने की शिकायत की थी।इंजीनियर ने आकर मशीन की जांच की। जांच में कुछ पुर्जे खराब पाए गए। इंजीनियर ने जांच के बाद बताया कि भारत में यह पुर्जे नहीं मिलते हैं। जर्मनी से खराब पुर्जे मंगाए जाएंगे। ट्रॉमा प्रशासन की अनुमति के बाद खराब पुर्जों को जर्मनी से मंगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।
जांच के दौरान ट्रॉमा सेंटर में सीटी स्कैन जांच ठप हो गयी। मरीजों को लगभग आधा किलोमीटर दूर रेडियोलॉजी विभाग या शताब्दी भवन तक जांच के लिए भेजा जा रहा है।
तीमारदार गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर व व्हील चेयर से मरीज की सीटी स्कैन जांच के लिए ले जा रहे हैं। इन मशीनों पर मरीजों का दबाव पहले से था। ट्रॉमा मरीजों के पहुंचने से मरीजों का दबाव और बढ़ गया है। मरीजों को जांच के लिए वेटिंग करना पड़ रहा है। समय पर जांच न होने से गंभीर मरीजों की वेटिंग बढ़ती जा रही है।












