लखनऊ। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर का खतरा बढ़ता जा रहा है। राजधानी में ओमीक्रोन के आगमन के बाद किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन सर्तक हो गया है। इसके बाद ओपीडी के नियमों में परिवर्तन कर दिया गया है। अब बिना ऑनलाइन पंजीकरण ओपीडी में मरीज डाक्टर से परामर्श नहीं ले सकेंगे। अब ओपीडी में ऑफलाइन पंजीकरण पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
केजीएमयू की ओपीडी में प्रतिदिन तीन हजार से अधिक इलाज कराने आते है। राजधानी में अचानक कोरोना के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी होने लगी है। राजधानी के सात लोगों में कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रोन के मरीज मिल चुके है। इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने ओपीडी में डॉक्टर से परामर्श के नियम को सख्त कर दिया है।
इस बारे में केजीएमयू मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की तरफ से आदेश भी जारी कर दिया गया है। इसके तहत वैक्सीन की दोनों डोज लगे मरीज ओपीडी में सीधे देखे जा सकेंगे। ऐसे मरीज को आरटी-पीसीआर जांच की आवश्यकता नहीं होगी। नये नियम में कहा गया है कि जिन मरीजों को सर्दी, जुकाम, बुखार जैसे लक्षण की चपेट में होंगे, उनकी कोरोना जांच कराना अनिवार्य होगा। यह नियम तीमारदारों पर भी लागू होगा। सभी वैक्सीनेशन संबंधी प्रमाण-पत्र साथ लाना होगा। ऑनलाइन पंजीकरण सभी के लिए अनिवार्य है। इसके बिना मरीज ओपीडी में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।












