लखनऊ । किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के आब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी डिपार्टमेंट ने “लेबर मैनेजमेंट में नए ट्रेंड्स” पर एक CME प्रोग्राम आयोजित किया। कार्यक्रम में डाक्टरों और पोस्टग्रेजुएट स्टूडेंट्स को माँ की दर्द रहित डिलीवरी और बच्चे के जन्म के दौरान एविडेंस-बेस्ड तरीकों, और सम्मानजनक मैटरनिटी केयर के बारे में अपडेट किया गया।
कार्यक्रम में KGMU के ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी डिपार्टमेंट की संरक्षक और कार्यवाहक प्रमुख प्रो. रेखा सचान के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था। प्रो. सचान ने दर्द रहित प्रसव और वॉटर बर्थिंग के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि पेनलेस डिलीवरी का चलन बढ़ रहा है। इसमें भी नई तकनीक की जानकारी के साथ ही मां के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखना होता है। उन्होंने कहा कि बच्चे के जन्म के दौरान एविडेंस-बेस्ड तरीको पर भी जानकारीपूर्ण लेक्चर भी दिया, जिसमें मरीज़-केंद्रित तरीकों, सुरक्षा संबंधी बातों और इन तरीकों को सपोर्ट करने वाले नए सबूतों पर ज़ोर दिया गया।
इस एकेडमिक प्रोग्राम में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने दर्द रहित प्रसव और लेबर एनाल्जेसिया के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की, जिनमें प्रो. सुजाता देव, प्रो. पी. एल. शंखवार, डॉ. मंजुलता वर्मा, डॉ. वंदना सोलंकी, प्रो. सोनिया लूथरा और डॉ. मनोज चौरसिया शामिल थे। सेशन में प्रतिभागियों के बीच सक्रिय बातचीत और चर्चा हुई।
CME के बाद डॉ. वंदना गौतम और डॉ. नम्रता यादव द्वारा पार्टोग्राफ प्लॉटिंग पर एक हैंड्स-ऑन वर्कशॉप आयोजित की गई, जिसने प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी और माँ और भ्रूण के बेहतर नतीजों के लिए समय पर लेबर मॉनिटरिंग के महत्व पर ज़ोर दिया।
कार्यक्रम में 150 से ज़्यादा डॉक्टर, फैकल्टी सदस्य, सीनियर रेजिडेंट और पोस्टग्रेजुएट स्टूडेंट्स ने इस कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन में हिस्सा लिया और इससे फायदा उठाया।















