लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में संविदा पर डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया का विरोध शुरू हो गया है। शनिवार को हुई बैठक के बाद केजीएमयू शिक्षक संघ ने कहा कि डॉक्टरों की भर्ती संविदा पदों पर आपात स्थिति में करनी चाहिए। इसके अलावा केजीएमयू के वह विभाग जहां आसानी से डॉक्टर नहीं मिल रहे है। वहां पर संविदा पर डाक्टरों की भर्ती होनी चाहिए। वही एमबीबीएस कोर्स की मान्यता खतरे में होने की स्थिति में भी भर्ती की जा सकती है। सामान्य परिस्थितियों में संविदा पर डॉक्टरों की भर्ती सही नहीं कही जा सकती है। बताते चले कि केजीएमयू में कुछ दिन पहले कार्यपरिषद की बैठक में विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर संविदा डॉक्टरों की भर्तियों का निर्णय लिया गया था। इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के लिए शासन को पत्र भी भेजा गया है।
शनिवार को केजीएमयू शिक्षक संघ की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में संघ के अध्यक्ष डॉ. केके सिंह ने कहा कि वर्तमान में केजीएमयू मे अलग- अलग विभागों में अलग- अलग पदों पर डॉक्टर 450 तैनात हैं। इसके अलावा लगभग 188 पद अलग- अलग विभागों में रिक्त चल रहे हैं। डा. सिंह ने कहा कि सरकार की तरफ से स्वीकृत पदों पर ही केजीएमयू में नियमित भर्ती होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां विभागों में आसानी से डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं, उनमें मरीजों के इलाज के मद्ेनजर को देखते हुए संविदा पर डॉक्टर भर्ती किये जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि देखा गया है कि संविदा पर डॉक्टर की संस्थान के प्रति जिम्मेदारी कम होती है। नौकरी में अस्थायी होने के कारण से डॉक्टर भी एकाग्र होकर काम नहीं करते हैं। इसलिए डाक्टरों की पक्की नौकरी ही बेहतर विकल्प है।
संघ के महामंत्री डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि केजीएमयू के डॉक्टरों को पीजीआई के समान वेतन मिलना चाहिए। परन्तु वेतन देने में आनाकानी कर रहे हैं। इससे डॉक्टर संवर्ग बहुत दुखी आैर नाराज है। यदि सरकार ने हमारी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो डॉक्टर आन्दोलन करने को मजबूर होंगे।
डॉ. केके सिंह ने कहा कि जल्द ही केजीएमयू लोहिया व कैंसर संस्थान के डॉक्टरों के साथ मिलकर नया मोर्चा बनाएगा। पीजीआई के समान वेतन के लिए आगे की रणनीति तय करेगा। उन्होंने लोहिया संस्थान के डॉक्टरों की मांग का समर्थन भी किया है। बैठक में मेडिकल आंकोलॉजी विभाग में डॉक्टर आने के बाद भी अब तक बेड न दिये जाने का मुद्दा भी उठाया गया। जल्द से जल्द विभाग के लिए बेड आवंटित किया जाने की मांग की।












